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Monday, March 9, 2026
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Bodhgaya: महाबोधि महाविहार मुक्ति आमरण अनशन आंदोलन का 10 वां दिन, राजद विधायक सतीश दास समर्थन करने पहुंचे, यूपी, बिहार से समर्थन में पहुंचे हजारों लोग

बोधगया, 21 फरवरी 2025: बोधगया स्थित भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली महाबोधि महाविहार को ब्राह्मण महंत के कब्जे से मुक्त करने के लिए चल रहे बौद्ध भिक्षुओं के आमरण अनशन आंदोलन का 10 वां दिन शुरू हो गया है, लेकिन बिहार सरकार और केंद्र सरकार को बौद्ध भिक्षुओं के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है, न ही उसे भारत की छवि विश्व स्तर पर खराब होने की चिंता है। लगातार 10 दिन से अनशन पर बैठे बौद्ध भिक्षुओं के स्वास्थ्य की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। अभी तक सरकार ने महाबोधि महाविहार बुद्ध विहार को ब्राह्मण महंत के कब्जे से मुक्त कर बौद्ध भिक्षुओं को सौंपने की मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया है।

महाबोधि महाविहार मुक्ति के लिए अनशन पर बैठे बौद्ध भिक्षुओं ने आज सुबह बुद्ध वंदना और पंचशील धारण किया। महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विलास खरात ने बताया कि आमरण अनशन आंदोलन को समर्थन देने हजारों लोग आंदोलन स्थल पहुंच रहे हैं और विभिन्न माध्यमों से आंदोलन को देश के करोड़ों लोगों का समर्थन मिल रहा है। डॉ विलास खरात ने बताया कि कल इसी के कारण आंदोलन को दबाने के लिए महाबोधि महाविहार मैनेजमेंट कमिटी के ब्राह्मण महंत के लोगों के द्वारा आंदोलन स्थल के सामने जानबूझकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी खड़ी कर दी गई थी ताकि देश, दुनिया के लोगों को पता न चले।

9 वें दिन आंदोलन को समर्थन करने गया जिले से ही राजद विधायक सतीश दास पहुंचे उन्होंने पहले भी मैनेजमेंट कमेटी के द्वारा महाबिहार में चल रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया था, उन्होंने कहा कि गैर बौद्ध महाबोधि महाविहार पर कब्जा करके दान के पैसे को बर्बाद कर रहे हैं और उसका दुरुपयोग कर रहे हैं। राजद विधायक सतीश दास ने कल अपनी यह मांग दोहराई और सरकार से महाबोधि महाबिहार गैर बौद्धों के कब्जे से मुक्त कर बौद्ध भिक्षुओं को सौंपने की बात कही।

सतीश दास ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने एक नियम बनाया था कि महाबोधि महाविहार का सेक्रेटरी बौद्ध होगा लेकिन बाद में गैर बौद्ध उसमें घुसकर सेक्रेटरी बनने लगे और इस नियम को ताक पर रख दिया गया। सतीश दास ने आगे कहा कि महाबोधि महाविहार मैनेजमेंट कमेटी के लोग गैर बौद्ध हैं और यहां पर विभिन्न प्रकार की चोरी करते हैं, डॉलर की चोरी भी कई बार पकड़ी जा चुकी है। विधायक सतीश दास ने कहा कि महाबोधि महाविहार मैनेजमेंट कमेटी के सभी सदस्य बौद्ध होने चाहिए और गैरबौद्ध सदस्यों को तुरंत कमेटी से और मंदिर प्रबंधन से बाहर किया जाना चाहिए, बीटी एक्ट 1949 में तुरंत बदलाव किए जाने चाहिए।

लद्दाख से आंदोलन को समर्थन करने पहुंचे हजारों लोग

डॉ विलास खरात ने बताया कि महाबोधि महाविहार को ब्राम्हण महंत के कब्जे से मुक्त कराने के लिए कल लद्दाखी एवं चकमा बौद्धों ने हजारों को संख्या में पहुंचकर समर्थन दिया था। 9 वें दिन भी हजारों की संख्या में लोगों ने पहुंच कर धरना स्थल पर महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन का समर्थन किया। हजारों की संख्या में पहुंचे लद्दाख के लोगों ने कहा कि बुद्ध की विरासत में ब्राह्मण लोगों का क्या काम है, सरकार को तुरंत ब्राह्मण पुजारी पण्डो को महाबोधि महाविहार मैनेजमेंट कमेटी से बाहर कर बौद्धों को उसमें स्थान देना चाहिए।

महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार से हजारों लोग समर्थन करने पहुंचे

डॉ विलास खरात ने बताया कि संपूर्ण भारत के ओबीसी एससी एसटी समाज के लोग मूल बौद्ध हैं और आज भी बौद्ध हैं और इसी को देखते हुए पूरे देश में पिछड़े दलित आदिवासियों का व्यापक समर्थन इस आंदोलन को मिल रहा है। महाराष्ट्र से हजारों की संख्या में लोग आंदोलन का समर्थन करने पहुंच रहे हैं और कल आंदोलन को समर्थन करने हजारों की संख्या में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग पहुंचे और उन्होंने महाविहार को ब्राह्मण महंत के कब्जे से मुक्त कर बौद्ध भिक्षुओं को सौंपने की बात कही।

बौद्ध भिक्षुओं के स्वास्थ्य में लगातार हो रही गिरावट

डॉ विलास खरात ने कहा कि एक तरफ आमरण अनशन की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है तो दूसरी तरफ महाबोधि महाविहार मैनेजमेंट कमेटी का ब्राह्मण महंत किसी भी कीमत पर आंदोलन को खत्म करना चाहता है, इसके लिए वह विभिन्न षडयंत्र कर गलत तरीके अपना रहा है। डॉ विलास खरात ने कहा बौद्ध भिक्षुओं का स्वास्थ लगातार गिरता जा रहा है और यदि किसी भी बौद्ध भिक्षु के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसके लिए सरकार और महाबोधि महाविहार मैनेजमेंट पर कब्जा करके बैठा ब्राह्मण पुरोहित जिम्मेदार होगा।

महाविहार पर कब्जा करने वाले ब्राह्मण पुरोहित संजय मिश्रा पर भड़के विलास खरात

डॉ विलास खरात ने बताया कि संजय मिश्रा s/o ऋषिपाल मिश्रा खानदानी तौर पर महाबोधि महाविहार पर कब्जा किए हुए है। संजय मिश्रा महाबोधि महाविहार के मुख्य टेंपल में ब्राह्मणी परंपरा के अनुसार घंटा बजाता है। विलास खरात ने बताया कि एक दूसरा पंडा पांच बुद्ध के प्रतिमाओं को पांडव कह रहा है। उस पंडे का नाम संजय कुमार दुबे s/o नारायण दुबे है। एक वीडियो में संजय कुमार दुबे बुद्ध को ही पांडव कह रहा है और महाबोधि महाविहार मैनेजमेंट कमिटी ऐसे लोगों को पोस रही है, उन्हें पैसे दे रही है। विलास खरात ने कहा कि महाबोधि महाविहार मैनेजमेंट कमिटी का ब्राह्मण महंत यह सभी काली करतूतें कर रहा है।
डॉ विलास खरात ने संजय मिश्रा को आड़े हाथों लिया और कहा कि वह भगवान बुद्ध की हजारों मूर्तियां अपने घर में दबाए बैठा है। विलास खरात ने संजय मिश्रा को देशद्रोही भी कह दिया और कहा कि वह देश विरोधी गतिविधि में शामिल है और महाबोधि महाविहार पर कब्जा कर बौद्धों की विरासत को बर्बाद कर विश्व धरोहर को बर्बाद कर रहा है। विलास खरात ने कहा कि संजय मिश्रा पूरी तरह से बौद्ध विरोधी व्यक्ति है जो बौद्ध विरासत पर कब्जा जमा कर बैठा है।
Santosh Shakya
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संतोष शाक्य Indus News TV के Special Correspondent हैं। संतोष शाक्य उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखण्ड यूनिवर्सिटी बरेली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं। विज्ञान के साथ इतिहास, सामाजिक विज्ञान, राजनीति, धम्म, दर्शन एवं अध्यात्म आदि संतोष शाक्य के पसंदीदा विषय हैं। इसके साथ संतोष शाक्य एक एंटरप्रेन्योर, मोटिवेशनल स्पीकर, लेखक, विचारक, पत्रकार, Life कोच, आध्यात्मिक शिक्षक भी हैं। जो मोटिवेशन, बिजनेस प्रमोशन, वेलनेस टॉक & Meditation के जरिए लोगों की मदद करते हैं। इसके साथ संतोष शाक्य एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के संचालक भी हैं। संतोष शाक्य के द्वारा कवर की गयी प्रमुख स्टोरी एवं उनके लेख पढ़ने के लिए आप Indus News TV की वेबसाइट https://www.indusnewstv.com को लॉग-ऑन कर सकते हैं। संतोष शाक्य के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप उनकी वेबसाइट https://www.santoshshakya.com भी विजिट कर सकते हैं।
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