जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य भाषण सुन भड़क उठे अंबेडकरवादी
26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया गया। सरकारी कार्यक्रमों के अलावा अंबेडकरवादियों ने इस दिन संविधान के बारे में चर्चा की और बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर को याद किया गया, जिन्होंने आजाद भारत के नागरिकों को ये सौगात दी। ये अलग बात है कि संविधान की जब भी बात आती है तो कुछ लोग बाबा साहब का नाम लेने से भी परहेज करते हैं, या उनके योगदान को बहुत कम बताने की कोशिश करते हैं। जैसे, ये उन्होंने नहीं लिखा, वो तो लिखने वाली कमेटी के मुखियाभर थे। या ये कि जहां तहां से, दूसरे देशों के संविधान टीपकर लिख दिया। कुछ लोग इस तरह भी प्रस्तुत करते हैं कि लिखा किसी ने और नाम किसी का हो गया। ऐसा ही एक वाकया इस बार के संविधान दिवस के मौके पर सामने आया। मध्यप्रदेश के जवाहर नवोदय विद्यालय रायसेन में भी संविधान दिवस पर कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में वहां के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार मिश्रा ने जो भाषण दिया, वह अजीबोगरीब लगने वाला है। (Speech Jitendra Kumar Mishra)