पड़ोसी से बदले की आग में अपनी ही नौ साल की बेटी को बाप-दादा ने बेरहमी से मार डाला
अमरिया के माधोपुर गांव में एक अजीब बेचैनी है. चेहरों पर ग़म, ग़ुस्सा और अफ़सोस है. क़ातिल तो क़ातिल हैं, लेकिन वो लोग भी ख़ुद को ग़ुनाहगार समझ रहे हैं, जो बेजान होती अनम को अस्पताल ले जाने में बेबस रहे. नौ साल की अनम, बेहद प्यारी बच्ची थी, जो ख़ून से लथपथ पड़ी थीं. सरसों के खेत में पड़े उसके ज़िस्म को सांसें छोड़ती रहीं. और वह टकटकी लगाए उस भीड़ को निहारती रही. जिसमें सब, उसके अपने थे. बाप, दादा, चाचा और बस्ती के तमाम रिश्तेदार. दो घंटे तक मदद के लिए निहारने के बाद उसने हमेशा के लिए आंखें बंद कर लीं. अनम की मौत ने केवल माधोपुर ही नहीं बल्कि पड़ोस के सरैंदा पट्टी समेत तीन-चार गांवों में मातम का मंज़र पैदा कर दिया. (Father-grandfather killed daughter)
मिश्रित आबादी वाले माधोपुर में ये अपनी तरह का पहला क्राइम है, जिसने लोगों को हिलाकर रख दिया. इसलिए, क्योंकि अनम की हत्या का आरोप अनम के बाप, दादा और तीन चाचाओं पर है. पुलिस ने इन पांचों को गिरफ़्तार करके जेल भेज दिया है. गांव और इलाके के लोगों को जो बात सबसे ज़्यादा परेशान कर रही है, वो ये कि बाप, दादा और चाचाओं में इतनी हिम्मत कैसे, क्यों और कहां से आ गई, जो अपनी बच्ची को मौत के घाट उतार दिया. वो भी सिर्फ़ किसी को फंसाने के लिए? इस हत्याकांड को लेकर सवाल और भी हैं. हर सवाल पर हम सिलसिलेवार तरीके से बात करेंगे.

घटना 2 दिसंबर की है. माधोपुर से एक-डेढ़ किलोमीटर दूर सरैंदा पट्टी गांव है, जहां हज़रत मस्तान शाह मियां की दरगाह है. दरगाह पर 156 वां सालाना उर्स चल रहा था. ये उर्स कोई आठ तक दिन मनाया जाता है. अनम के दादा शहजादे ने मेले में चाय-अंड्डों की दुकान लगाई थी. शादाब, जो अनम के चाचा हैं, वो शाम को उसे मेला दिखाने लेकर गए. रात को यहां ये शोर मचा कि अनम गुम गई है. मेले में एनाउंस कराया गया. रातभर उसकी खोजबीन हुई. और सुबह को मेला स्थल सरैंदा पट्टी से क़रीब एक किलोमीटर दूर एक खेत में खून से लपथपथ अनम मिल गई. (Father-grandfather killed daughter)
तीन नवंबर को ये कोई सुबह छह बजे का वक़्त होगा, जब अनम मिली थी. खेत में सरसों की कपोलें फूट रही थीं. और उन्हीं कपोलों के बीच मासूम अनम दम तोड़ रही थी. रात में उसे बेरहमी से मारा गया. सिर लहूलुहान था. और बदन को चाकुओं से गोदा गया. आंतें बाहर निकल आई थीं. इतनी बेरहमी से हत्या की गई कि हालत देखने वाले दहल गए.
अनम जब मिली तब वह जिंदा थीं. परिवार के लोगों के अलावा खेत में भीड़ जमा हो गई. सबने उसे अस्पताल ले जाना चाहा, लेकिन कोई कामयाब नहीं हुआ. क्योंकि परिवार वालों ने कहा कि पुलिस केस है. पुलिस आ जाए तभी लेकर चलेंगे. करीब आठ बजे पुलिस पहुंची, तब तक अनम मर चुकी थी.

अब सबको ये सवाल परेशान कर रहा था कि अनम की हत्या किसने की है? इतनी क्रूरता किसने दिखाई होगी कि एक मासूम बच्ची को तड़पा-तड़पा का मारा. चाकू से पेट फाड़कर आंते निकाल दीं. और अधमरा ही खेत में फेंक गए, जो रात से सुबह तक तड़प-तड़प कर मरती रही. (Father-grandfather killed daughter)
पुलिस ने 24 घंटे के अंदर केस में खुलासा कर दिया कि हत्यारे अनम के पिता अनीस, दादा शहजादे, चाचा शादाब, नसीम और सलीम हैं. पुलिस ने इनके कुबूनामे पर हत्या स्थल से साक्ष्य जुटाने का दावा करते हुए और पांचों को जेल भेज दिया. हत्या की वजह बताई कि अनम के परिवार का पड़ोसी शकील के साथ विवाद चल रहा था. और शकील को फंसाने के लिए ही घरवालों ने अनम का क़त्ल किया है. अनम की मौत के बाद उसके पिता अनीसी ने शकील के ख़िलाफ ही तहरीर दी थी.
परिवार पर पुलिस का शक़ यूं गहराया कि न तो वो खुद अनम को अस्पताल लेकर गए और न ही किसी दूसरे को ले जाने दिया. यही बात गांव के बाक़ी लोगों के बीच परिवार को हत्यारोपी बनाए है. सबका एक ही सवाल है कि अनम को अस्पताल क्यों नहीं ले गए. किसी की बच्ची मरणासन्न पड़ी हो और बाप पुलिस आने का इंतज़ार करेगा? पलटकर कई लोगों ने मुझसे ये सवाल पूछा. (Father-grandfather killed daughter)
लेकिन एक बाप, दादा अपनी बेटी-पोती का क़त्ल कैसे कर सकते हैं. साथ में चाचा उसका पेट फाड़ रहे हों और बाप अपनी इकलौती बेटी के सिर पर पत्थर मारे और बाद में क़त्ल की जा रही बेटी से मुंह फेरकर किनारे खड़ा हो जाए. सबके सब इतने जल्लाद कैसे हो सकते हैं. ये सवाल हमें अमरिया के माधोपुर लेकर पहुंचा. अनम के घर में तो ताला लटका था. बेटी की हत्या से टूट चुकी मां घर छोड़कर मायके चली गईं. हम अनम के दादा के घर पहुंचे. वहां उनकी दादी और एक चाचा से मुलाकात हुई. जो अपने बच्चों को फंसाए जाने का आरोप लगा रहे हैं. उनका आरोप है कि हमारी ही बेटी गई और हमारे ही बच्चों को फंसा गया है.
अनम हत्याकांड की पहले को पुलिस ने कैसे हल किया. परिवार कैसे क़ातिल हो गया. मोटिव पड़ोसी को फंसाने का था, तो उसे कभी कोई नुकसान क्यों नहीं पहुंचाया. इस क्राइम इंवेस्टिगेशन में पुलिस के मज़बूत पक्ष क्या हैं, जो आरोपियों को कठोर सज़ा तक लेकर जाएंगे. अगले एपिसोड में हम अनम हत्याकांड से जुड़े ऐसे दूसरे सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करेंगे. (Father-grandfather killed daughter)
जैसी भी की गई हो हत्या तो हत्या है. लेकिन अनम हत्याकांड सामान्य नहीं है. ये कोई ऑनर किलिंग नहीं है. बल्कि पड़ोसी से बदला लेने के लिए अपनी ही बच्ची की हत्या का इल्ज़ाम है. इस आरोप पर पूरा गांव हत्यारोपियों के ख़िलाफ़ खड़ा है. (Father-grandfather killed daughter)