वास्तविकता का इतिहास और इतिहासकारों के उपलब्ध इतिहास में फर्क होता है। इतिहास लेखन में इतिहासकार कुछ छोड़ते हैं, कुछ जोड़ते हैं और कुछ का चयन करते हैं बीबी और फिर इसे ही किसी देश के इतिहास की संज्ञा प्रदान कर दिया करते हैं। ऐसा इतिहास वस्तुतः राजनीतिक शक्ति मात्र का इतिहास होता है जो भारी पैमाने पर हुई हत्याओं तथा अपराधों के इतिहास से भिन्न नहीं है। (Naglok hidden hill Deoghar)
चिनुआ अचीबी ने लिखा है कि जब तक हिरन अपना इतिहास खुद नहीं लिखेंगे, तब तक हिरनों के इतिहास में शिकारियों की शौर्य गाथाएं गाई जाती रहेंगी। इसीलिए भारत के इतिहास में वैदिक संस्कृति उभरी हुई हैं, बौद्ध संस्कृति पिचकी हुई है और मूलनिवासियों का इतिहास बीच-बीच में उखड़ा हुआ है । बिहार के मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड कि देवघरा पहाड़ी देश और दुनिया के पुरातात्विक नक्शे से लगभग गायब है । यह बौद्ध भूमि नाम और पहचान की मोहताज है। Indus News 24×7 पर देखिए डॉ.सोमनाथ आर्य की यह खास रिपोर्ट । (Naglok hidden hill Deoghar)
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