बरेली: भारतीय किसान यूनियन चढूनी के बैनर तले आज प्रदेश स्तर की एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष ने की, जबकि प्रदेश सचिव समेत सभी जिलों के जिला अध्यक्ष मौजूद रहे। इस दौरान विशेष रूप से केसर सिंह सोलंकी, जिला अध्यक्ष को किसानों की आवाज़ मज़बूती से उठाने और संगठन को सक्रिय बनाने पर ज़ोर देते हुए प्रमुखता से हाइलाइट किया गया।
बैठक में किसानों पर हो रहे अत्याचार और सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर गहरी चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करके देश की रीढ़ मज़बूत करते हैं, लेकिन अपनी फसलों का उचित मूल्य तक नहीं पा रहे। बिजली के बढ़ते बिल, खाद और बीज की महंगाई तथा गन्ना भुगतान में हो रही देरी से किसान परेशान हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि अगर सरकार ने किसानों की जायज़ मांगों को अनसुना किया तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। वहीं प्रदेश सचिव ने जिला और तहसील स्तर के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गाँव-गाँव जाकर किसानों की समस्याएँ सुनें और उन्हें संगठन तक पहुँचाएँ, ताकि ठोस रणनीति बनाई जा सके।
इस मौके पर केशव सिंह सोलंकी ने कहा कि अब समय आ गया है कि किसान अपनी ताक़त पहचानें और एकजुट होकर अपने हक़ के लिए संघर्ष करें। उन्होंने सख़्त लहजे में कहा कि किसानों पर किसी भी तरह का अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में हर ज़िले में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी, ताकि किसानों की एकजुटता और अधिक मज़बूत की जा सके।


