Indus News TV Live

Sunday, March 8, 2026
spot_img

बरेली में धूमधाम से मनाई गई सन्त शिरोमणि बाबा गाडगे की जयंती

उत्तर प्रदेश के बरेली में रविवार को सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत एक भव्य आयोजन का दृश्य देखने को मिला, जब सन्त गाडगे जन कल्याण समिति बरेली एवं तथागत बुद्ध, बोधिसत्व अम्बेडकर धम्म विकास ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में सन्त शिरोमणि बाबा सन्त गाडगे जी की जयंती समारोह का आयोजन 100 फिटा रोड स्थित ओशी बैंकट हाल में अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया (Birth Anniversary of Baba Gadge)

कार्यक्रम में शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सन्त गाडगे जी के जीवन, उनके विचारों और समाज सुधार के प्रति उनके योगदान को याद किया। पूरा सभागार श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति से खचाखच भरा रहा, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सन्त शिरोमणि बाबा गाडगे के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना तथा समाज में फैले आडम्बरों, पाखण्ड और कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करना था। आयोजकों ने बताया कि बाबा गाडगे ने अपने जीवनकाल में स्वच्छता, समानता, शिक्षा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। वे स्वयं सादगीपूर्ण जीवन जीते थे और समाज के पिछड़े, शोषित और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। उनके द्वारा दिया गया संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में जब समाज विभिन्न प्रकार की सामाजिक बुराइयों और दिखावे की प्रवृत्ति से जूझ रहा है, तब बाबा गाडगे के विचार नई दिशा और प्रेरणा प्रदान करते हैं (Birth Anniversary of Baba Gadge)

मंचासीन अतिथियों ने बाबा गाडगे के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वक्ताओं ने उनके जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि राजेन्द्र कुमार श्रीवास ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा गाडगे ने समाज को स्वच्छता का जो संदेश दिया, वह आज भी प्रत्येक नागरिक के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल बाहरी वातावरण तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हमारे विचारों और आचरण में भी पवित्रता और पारदर्शिता होनी चाहिए।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और सामाजिक परिवर्तन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से लोगों में सकारात्मक सोच का विकास होता है और सामाजिक एकता को बल मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को अपनाएं (Birth Anniversary of Baba Gadge)

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित के. आर. कनौजिया ने अपने संबोधन में बाबा गाडगे के त्याग और सेवा भाव की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। वे जहां भी जाते थे, वहां स्वच्छता अभियान चलाते और लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करते थे। उन्होंने कहा कि बाबा गाडगे का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्ची पूजा मानव सेवा है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

समारोह के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। मंच से छात्रों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। विद्यार्थियों के चेहरों पर सम्मान प्राप्त करने की खुशी साफ झलक रही थी। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है। मेधावी छात्रों को सम्मानित कर आयोजकों ने न केवल उनका उत्साहवर्धन किया, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करने का कार्य किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों का मनोबल बढ़ता है।

कार्यक्रम में पदम सिंह, विनोद कुमार, विनय रिश्वाल, हुकुम सिंह, नीतू कनोजिया, डा. ओ. पी. भास्कर, डा. सुनीता दिवाकर, रामआसरे वर्मा, ज्ञानेंद्र कुमार मौर्य, डी. आर. वर्मा, छोटे लाल चौधरी, जागन सिंह राकेश, सारिका बौद्ध, सुभाष चौधरी, रणवीर सिंह समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि बाबा गाडगे के आदर्शों को अपनाकर ही समाज को नई दिशा दी जा सकती है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता पर विशेष जोर दिया।

समारोह के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। बच्चों और युवाओं ने प्रेरणादायक गीतों और वक्तव्यों के माध्यम से बाबा गाडगे के जीवन और उनके संदेश को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। आयोजन की भव्यता और अनुशासन ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी प्रकार समाजोपयोगी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया। आयोजन न केवल एक जयंती समारोह था, बल्कि सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और समरसता का एक सशक्त संदेश भी था। सन्त शिरोमणि बाबा सन्त गाडगे जी के आदर्शों को स्मरण करते हुए उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करेंगे। बरेली में आयोजित यह कार्यक्रम लंबे समय तक लोगों के स्मरण में रहेगा और समाज में नई चेतना का संचार करता रहेगा।


यह भी पढ़ें: बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के द्वारा माता रमाबाई व संत गाडगे महाराज की जयंती संयुक्त रूप से मनाई गई

यह भी पढ़ें: बरेली में पेरियार ललई सिंह के स्मृति दिवस पर बामसेफ ने चलाया बीएस-4 “भारतीय संविधान, सम्मान, सुरक्षा, संवर्धन” जन जागृति अभियान

यह भी पढ़ें: ASI बौद्ध विरासत को जानबूझकर बर्बाद कर रहा : वामन मेश्राम


 

Related Articles

Recent