लखनऊ: इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेकनोलॉजी, लखनऊ में एक गंभीर मामला सामने आया है जहाँ लम्बे समय से सेवाएं दे रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का शोषण हो रहा है, कर्मचारियों ने संस्थान पर जातिवादी भेदभाव करने का आरोप भी लगाया है। मामले में कर्मचारियों ने अखिलेश यादव को पत्र लिखा है। कर्मचारियों का कहना है कि न्यायालय के बार बार आदेश करने के बाद भी संस्थान के निदेशक और कुलसचिव कोर्ट का आदेश मानने को तैयार नहीं हैं। लेबर कोर्ट के द्वारा संस्थान के निदेशक को कर्मचारियों को विनियमित करने का आदेश 2015 में दिया गया था, लेकिन संस्थान ने उस आदेश का पालन तो नहीं किया, इसके उलट 2020 में संस्थान के निदेशक के द्वारा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गयीं। (exploitation of OBC-SC employees in IET Lucknow)



