डीजी बंजारा गुजरात के “सुपारी किलर” के नाम पर हत्या करने के लिए कुख्यात
Pankaj Chaturvedi
गुजरात के “सुपारी किलर” और एनकाउन्टर के नाम पर हत्या करने के लिए कुख्यात, सजायाफ्ता और लम्बे समय तक जेल में रहे गुजरात के पुलिस अधिकारी डीजी बंजारा ने अब राजनीतिक दल बना लिया है .गुजरात के पूर्व आईपीएस अधिकारी डीजी वंजारा ने मंगलवार को अपने नए राजनीतिक दल-प्रजा विजय पक्ष का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों को निशाने पर लेते हुए राज्य की सभी 182 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा भी की। (DG Banjara Notorious For Killing)
पूर्व विवादित पुलिस अफसर वंजारा ने अपनी पार्टी की लॉन्चिंग के दौरान कहा कि 1960 में गुजरात जब अस्तित्व में आया तो उसके बाद कई सालों तक यहां कांग्रेस का शासन रहा, अब 27 साल से एक ही पार्टी शासन में है। यह जो प्रथा चली है उसकी वजह से बहुत सारे दुष्प्रभाव पैदा होते हैं। पहले यह परिस्थिति कांग्रेस के समय में पैदा हुई थी और अब यह परिस्थिति बीजेपी के लिए लागू हो रही है। इसलिए समय की मांग को समझते हुए प्रजा विजय पक्ष गुजरात राज्य की सभी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगा।
वंजारा ने अपने समर्थकों की मौजूदगी में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जैसे विदेशों में है उसी तरह से राज्य में दो ही राजनीतिक दल हैं जो बारी-बारी सत्ता का सुख भोग रहे हैं। एक दल एक या 2 बार 5 साल तक सत्ता में रहे और उसके बाद सत्ता का परिवर्तन हर हाल में हो जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता तो कई बुराइयां पैदा होती है जो अभी गुजरात में है। फिलहाल राज्य में भ्रष्टाचार व भय का माहौल है। (DG Banjara Notorious For Killing)
यदि वंजारा ने चार फीसदी वोट डाला तो सत्ताधारी दल को दिक्कत होगीं यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा के टिकट नहीं दिए जाने पर उन्होंने यह नई पार्टी बनाई, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे टिकट लेने की कतार में खड़े रहने वालों में से नहीं हैं। वे तो टिकट देने वालों में हैं। टिकट उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है।
विदित हो डीजी वंजारा 1987 बैच के गुजरात काडर के आईपीएस अधिकारी हैं. गुजरात पुलिस में उनकी छवि एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की रही है. वे पहले क्राइम ब्रांच में थे और बाद में गुजरात एटीएस यानी एंटी टैररिस्ट स्क्वाड के मुखिया रहे. उसके बाद पाकिस्तान सीमा से सटी बॉर्डर रेंज के आईजी रहे.
वे 2002 से 2005 तक अहमदाबाद की क्राइम ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस थे. उनकी इस पोस्टिंग के दौरान करीब बीस लोगों का एनकाउंटर हुआ. बाद में सीबीआई जाँच में पता चला कि ये एनकाउंटर फ़र्ज़ी थे. कहा जाता है कि वे गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे क़रीबी पुलिस अधिकारी थे. (DG Banjara Notorious For Killing)
वंज़ारा को 2007 में गुजरात सीआईडी ने गिरफ़्तार किया था और उसके बाद वे जेल गए. उन पर अभी आठ लोगों की हत्या का आरोप था, जिनमें सोहराबुद्दीन, उसकी पत्नी कौसर बी, तुलसीराम प्रजापति, सादिक़ जमाल, इशरत और उसके साथ मारे गए तीन अन्य लोग शामिल हैं.सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में मुंबई की सीबीआई कोर्ट में हिस्ट्रीशीटर मो. आजम खान ने कोर्ट को बताया कि गुजरात के पूर्व गृहमंत्री हरेन पंड्या की हत्या की सुपारी आईपीएस डीजी बंजारा ने सोहराबुद्दीन को दी थी।
उसके यह भी कहा कि सोहराबुद्दीन ने बताया था कि उसने बंजारा के कहने पर नईमुद्दीन और शाहिद के साथ मिलकर हरेन की हत्या की थी। उसी ने सोहराबुद्दीन, उसकी पत्नी कौसरबी और तुलसी को अपनी बुआ के मल्लातलाई (उदयपुर) स्थित मकान में पनाह दी थी। बयान में कहा कि एक दिन सोहराबुद्दीन ने गुजरात बिल्डर के यहां फायरिंग करवाई थी।
सोहराबुद्दीन ने मार्बल वाले को धमकी दी थी, तो उदयपुर के हमीद लाला के कहने पर मार्बल व्यापारी ने सोहराबुद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। वाही वंजारा अब सतात्धारी दल के खिलाफ ताल ठोक रहा है और वह अपने समाज के वोट को एकत्र करना चाहता है। (DG Banjara Notorious For Killing)