बरेली: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को जबरन मर्ज करने तथा विद्यालयों में कार्यरत रसोइया बहनों की बेतरतीब छंटनी के खिलाफ समाजवादी महिला सभा ने मोर्चा खोल दिया है।
महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय श्रीमती रीबू श्रीवास्तव जी के स्पष्ट निर्देशानुसार, आज जिलाधिकारी बरेली के कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश को एक ज्ञापन जिलाधिकारी बरेली के माध्यम से सौंपा गया, जिसमें इस जनविरोधी निर्णय को अविलंब वापस लेने की माँग की गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष महिला सभा स्मिता यादव ने किया। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष महिला सभा रजिया बेगम, जिला महासचिव पूनम गुप्ता, जिला सचिव शालिनी सिंह, उषा यादव, बीना गौतम, पल्लवी सक्सेना, मंजू शाक्य ,शशि चन्द्र, ममता, मुन्नी, सरोज, दीपा, गीता मीना, पुष्पा, नेम वती और दर्जनों महिला सभा की पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर सरकार के निर्णय के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि “डबल इंजन की सरकार” शिक्षा का अधिकार छीनकर गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक तबकों के बच्चों को अंधकार की ओर धकेल रही है। वहीं वर्षों से समर्पित भाव से कार्य कर रही रसोइया बहनों को बेरोजगार कर उनके परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा किया जा रहा है।
समाजवादी महिला सभा ने साफ किया है कि यदि सरकार ने जनविरोधी निर्णय वापस नहीं लिए, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को तेज़ किया जाएगा। हम सरकार से मांग करते हैं कि वह अपने इस निर्णय को तुरंत वापस ले और शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने के लिए काम करे।


