गौमूत्र कितना लाभकारी कितना हानिकारक
गौमूत्र पर किया गया यह शोध कई भ्रांतियों को यकायक समाप्त कर देता है। गौमूत्र, पंचगव्य का एक महत्वपूर्ण घटक है, बगैर गौमूत्र के बहुत से हिन्दू रीती रिवाज अधूरे से रहते हैं। हाल ही में एक अंतराष्ट्रीय शोध पत्रिका (Infectious Disease Research; DOI:में प्रकाशित शोध से ज्ञात हुआ है कि ताजे गौमूत्र में बहुत से हानिकारक जीवाणु हो सकते हैं जो आपको पंचगव्य युक्त प्रसाद खाने के उपरान्त चिकित्सक का आश्रय लेने को विवश कर सकते हैं। (Cow urine beneficial harmful)
कुल ४१ ताजा गौमूत्र के नमूनों कि जांच करने पर ज्ञात हुआ कि सिर्फ ५ नमूनों में ही कोई हानिकारक जीवाणु नहीं था। गौमूत्र के नमूनों में जो जीवाणु मिले उनमे सर्वाधिक महत्वपूर्ण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थे एस्चेरीचिया कोलाई, साल्मोनेला एन्टेराइटीडीस,क्लेबसिएल्ला नुयमोनी, ऐसिनेटोबैक्टर, हैफनिया ऐल्वियाई, एन्टेरोकॉकस फीकेलिस, प्रोटियस मिराबिलिस, एवं स्टेफाईलोकॉकस एपिडर्मिडिस आदि ।
ये जीवाणु आपके शरीर में इन्फेक्शन पैदा करके घातक रोग उत्पन्न कर सकते हैं। इस शोधपत्र में यह भी बताया गया है कि गौमूत्र में कोई विशेष जीवाणुनाशक शक्ति नहीं होती, और जो होती है उतनी ही अक्सर आपके अपने मूत्र में तथा भैंस के मूत्र में भी होती है। और कई मामलों में तो भैंस के मूत्र में गाय और मनुष्य के मूत्र से कहीं ज्यादा जीवाणुनाशक शक्ति होती है। यह शोध यह भी प्रकाशित करता हैं कि गाय कि विभिन प्रजातियों के मूत्र में भी जीवाणुनाशक शक्ति के आधार पर किसी नश्ल विशेष को अच्छा या बुरा नहीं कह सकते। (Cow urine beneficial harmful)