भारत की बनवास (Exile) में गठित अंतरिम सरकार
-विजय शंकर सिंह
21 अक्टूबर 1943, भारतीय उपमहाद्वीप के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक ऐतिहासिक दिन है। आज के ही दिन साल 1943 में स्वतंत्र भारत की पहली मान्यता प्राप्त अंतरिमसरकार की स्थापना नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रमुख के रूप में हुई थी।(Interim government in India)
हालांकि, इसके पहले भी 1 दिसंबर 1915 को काबुल में एक अंतरिम सरकार का गठन किया जा चुका था जिसका उद्देश्य भारतीय आन्दोलन के लिए अफगान अमीर के साथ-साथ ज़ारिस्ट (और बाद में बोल्शेविक) रूस, चीन और जापान का समर्थन दर्ज करना था।
इस सरकार महेंद्र प्रताप राष्ट्रपति, मौलाना बरकतुल्लाह के रूप में प्रधान मंत्री बनाए गए थे। लेकिन नेताजी सुभाष द्वारा गठित अंतरिम सरकार राजा महेंद्र प्रताप द्वारा गठित सरकार से इसलिए अलग थी कि, नेताजी सुभाष के पास एक फौज थी जिसने युद्ध में ब्रिटिश के खिलाफ भाग लिया था और राजा महेंद्र प्रताप की सरकार कूटनीतिक संबंधों पर अधिक निर्भर थी। (Interim government in India)
अविभाजित भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले आईएनए की 79वीं वर्षगांठ पर सभी ज्ञात और अज्ञात योद्धाओं को वीरोचित श्रद्धांजलि। आजाद हिंद फौज में आज के पाकिस्तान और बांग्लादेश के भी स्वाधीनता संग्राम सेनानी रहे हैं। (Interim government in India)
(लेखक रिटायर्ड आईपीएस हैं और ये लेखक के निजी विचार हैं )
(लोक माध्यम से साभार)