बरेली। रिपोर्ट- संतोष शाक्य। 2024 का लोकसभा चुनाव निकट आ गया है। कद्दावर नेता और बरेली लोकसभा से भाजपा के सांसद संतोष गंगवार का विकल्प ढूंढना आसान नहीं है। संतोष गंगवार के विकल्प की बात इसलिए की जा रही है क्योंकि मोदी की 75 साल की नीति के अनुसार संतोष गंगवार इस साल 75 साल के हो गए हैं। 75 साल के बाद राजनीति से रिटायर होने की भाजपा की नीति के अनुसार इस बार संतोष गंगवार चुनाव नहीं लड़ सकते। लेकिन सवाल यही है कि यदि भारतीय जनता पार्टी संतोष गंगवार को टिकट नहीं देती है तो उनका विकल्प कौन होगा।
8 बार के सांसद..
संतोष गंगवार आठ बार बरेली लोकसभा का संसद में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। संसद में इस समय कोई भी ऐसा नेता नहीं है जो उनसे ज्यादा बार जीता हो।
सहज स्वभाव…
संतोष गंगवार के लगातार जीत का कारण उनका सहज स्वभाव और आम आदमी के जैसा किया जाने वाला व्यवहार है। संतोष गंगवार देश के ऐसे एकमात्र नेता होंगे जो अकेले ही स्कूटर से आज भी बरेली शहर में चक्कर लगाते मिल सकते हैं। जहां देश में बहुत से नेता अपने साथ 10-10 गाड़ियां लेकर चलते हैं संतोष गंगवार ऐसे नेता है कि अकेले ही अपने ड्राइवर के साथ चल पड़ते हैं। इसीलिए भाजपा के लिए इस स्वभाव का और आमजन की तरह व्यवहार करने वाला संतोष गंगवार के जैसा विकल्प ढूंढना आसान नहीं है।
अभी भाजपा ने कोई संकेत नहीं दिए हैं...
संतोष गंगवार भाजपा की 75 साल की नीति के अनुसार रिटायर होंगे या नहीं होंगे या 2024 में चुनाव लड़ेंगे इसको लेकर पार्टी की तरफ से अभी कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं। हालांकि शहर में इस बात को लेकर चर्चा है कि उनका विकल्प कौन होगा क्योंकि शहर के अधिकतर दूसरी पीढ़ी के नेता यह मान रहे हैं कि इस बार संतोष गंगवार को टिकट नहीं दिया जाएगा, 75 साल के होने के कारण उन्हें रिटायर कर दिया जाएगा।
यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी यदि संतोष गंगवार के विकल्प के रूप में किसे लाती है।
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