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Thursday, March 12, 2026
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झारखंड में सिर्फ एक शब्द ने फंसा दी भाजपा की गाड़ी

डॉ. सोमनाथ आर्य


रांची। झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके मौजूदा विधायक को इतना भी इल्म नहीं है कि सरकारी काम काज में जातिसूचक शब्द या उपमा का प्रयोग कानूनन जुर्म है। यह सवाल इस समय झारखंड के सियासी गलियारे में चर्चा का विषय है। पूरे शीतकालीन सत्र में जहां भाजपाई खेमा हेमंत सोरेन सरकार को घेरे रहा, आखिर दिन अपनी ही नामसमझी से चारो खाने चित हो गया। मात्र एक शब्द ने पूरे दल की फजीहत करा दी और वह नौबत ला दी कि पूर्व मंत्री रहे विधायक की विधानसभा सदस्यता खतरे में है और जेल से लेकर सजा तक होने की संभावनाएं पैदा हो गई हैं। (BJP in Jharkhand)

कुछ अरसे पहले संसद सदस्य कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता मात्र इतने पर खत्म हो गई थी कि उन्होंने एक सरनेम को आधार बनाकर बैंक लोन हजम कर विदेश भागने वालों पर तंज किया था। लेकिन झारखंड में भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे रामचंद्र चंद्रवंशी ने लिखित तौर पर अनूसूचित समाज को प्रतिबंधित जातिसूचक शब्द से संबोधित कर दिया। जबकि यह शब्द राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंधित कर रखा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ झारखंड पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व भाजपा विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी

हाईलाइट्स

  • भाजपा विधायक रामचन्द्र चंद्रवंशी ने किया सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल
  • सुप्रीम कोर्ट ने दिया है सरकारी कामकाज में प्रतिबंधित शब्द के प्रयोग पर तत्काल एफआईआर का निर्देश
  • अल्पसूचित प्रश्न में अनुसूचित जाति की महिला के लिए किया असंवैधानिक शब्द का इस्तेमाल
  • जेल भी जाना पड़ सकता है, अपराध साबित होने पर कम से कम 5 साल तक की सजा
  • राष्ट्रपति ने 17020/64/2010 / SCD (RL CELL) के मार्फत इस शब्द पर लगाई थी रोक
  • राष्ट्रपति ने झारखण्ड समेत सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजा था सर्कुलर
  • झारखंड के कैबिनेट मंत्री हफीजुल हसन ने कहा – इस शब्द का प्रयोग होना गलत, कानून का उल्लंघन

जिस शब्द का प्रयोग पूर्व मंत्री ने लिखित दस्तावेज में किया है, उसके बारे में स्पष्ट है कि कोई भी व्यक्ति या उनके अधीनस्थ कर्मचारी सरकारी कामकाज में जातिसूचक शब्द का प्रयोग करता है तो उसके खिलाफ एफआईआरदर्ज दर्ज हो सकती है। (BJP in Jharkhand)

इस शब्द का इस्तेमाल करने पर उसके खिलाफ एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1) (आर) (एस) (यू) व आईपीसी की धारा 295 A व 505 के तहत मुकदमा हो सकता है, जेल भी जाना पड़ सकता है और अपराध साबित होने पर आरोपी को कम से कम 5 साल तक की सजा भी हो सकती है।

झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा से मौजूदा विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी ने प्रतिबंधित शब्द का इस्तेमाल झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पिंक पेपर के अल्पसूचित प्रश्न में कर दिया है।

दिलचस्प बात यह है कि विधानसभा में इसकी प्रति प्रिंट करके मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सभी सत्ता और विपक्ष के मेज पर और हाथ में थमा दी गई। यही कॉपी मीडिया को भी बांटी गई। (BJP in Jharkhand)

अल्पसूचित प्रश्न के चौथे सवाल में जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी ने अल्पसूचित प्रश्न के चौथे सवाल में जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल कर गृह, कारा और आपदा प्रबंधन से सवाल पूछा है। यह सवाल जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। जिसमें उन्होंने थाना जगन्नाथपुर थाना प्रभारी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में विधायक ने थाना प्रभारी पर पीड़ित अनुसूचित जाति की महिला पर दबंगों द्वारा जातिसूचक शब्द और भद्दी गालियां देने का जिक्र किया। (BJP in Jharkhand)

यह है प्रतिबंधित शब्द के तहत आदेश-निर्देश

भारत के राष्ट्रपति ने भारत सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के पत्र दिनांक 22-11-12 व क्रमांक 17020/64/2010 / SCD (RL CELL) के मार्फत सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को सर्कुलर जारी कर जातिसूचक शब्द के सरकारी काम काज में इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाने के आदेश दिए हुए हैं। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की मुहर लग चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस शब्द का प्रयोग अपमानजनक के साथ-साथ आपराधिक भी है, इसलिए इस तरह के मामलों में अपराधी को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। (BJP in Jharkhand)

इस शब्द का इस्तेमाल करने पर उसके खिलाफ एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1) (आर) (एस) (यू) व आईपीसी की धारा 295 A व 505 के तहत मुकदमा दर्ज हो सकता है तथा इसमें जेल भी जाना पड़ सकता है। अपराध साबित होने पर आरोपी को कम से कम पांच साल तक की सजा भी हो सकती है।

इस शब्द का प्रयोग होना गलत, कानून का उल्लंघन : हफीजुल हसन

हेमंत सोरेन सरकार में पर्यटन, खेलकूद और कला संस्कृति मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट इस पर कानून बना चुका है और सर्कुलर जारी हो चुका है तो इसका प्रयोग होना गलत ही नहीं कानून का उल्लंघन है। चंद्रवंशी जी काफी सीनियर लीडर हैं , उनको यह सब देख समझ लेना चाहिए। (BJP in Jharkhand)

मंत्री ने कहा कि समाज में आज भी जाति व्यवस्था कायम है, कुछ लोगों के दिमाग से अब तक यह गया नहीं है। जब से भाजपा सरकार केंद्र में बनी है तब से जातिगत उत्पीड़न की घटना बढ़ी है। चंद्रवंशी मामले पर उन्होंने कहा कि मामला विधानसभा के संज्ञान में आया है इसे विधानसभा अध्यक्ष की देखरेख में उच्च स्तरीय कमेटी देखेगी।

(डॉ. सोमनाथ आर्य इंडस न्यूज के सह संपादक हैं, इसके अलावा झारखंड व बिहार के प्रमुख हैं।)


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