2022 के विधानसभा चुनाव में बरेली शहर विधानसभा से टिकट मांग चुके मो कलीमुद्दीन का कद समाजवादी पार्टी में बढ़ा दिया गया है उनको राज्य कार्यकारिणी में प्रदेश सचिव नामित किया गया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने एक पत्र जारी करते हुए इसकी घोषणा की। (Mohammad Kalimuddin Samajwadi Party)

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने भी सपा के ऑफिसियल फेसबुक पेज पर पोस्ट डालकर इसकी सूचना दी।

मोहम्मद कलीमुद्दीन की नियुक्ति से बरेली में उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। सूचना मिलते ही पार्टी के नेताओं ने मोहम्मद कलीमुद्दीन को इस नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। मोहम्मद कलीमुद्दीन समाजवादी पार्टी बरेली जिला संगठन के पूर्व में महानगर सचिव के पद पर भी रह चुके हैं।

मोहम्मद क्लीमुद्दीन ने बताया कि उनकी प्राथमिकता समाजवादी पार्टी को मजबूत करना एवं लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को अधिक से अधिक सीटें जितवाना है, बूथ स्तर के कार्यकर्ता कैसे सक्रिय और मजबूत होंगे इसकी चिंता करना है। (Mohammad Kalimuddin Samajwadi Party)
कौन हैं मो. कलीमुद्दीन?
कलीमुद्दीन की गिनती समाजवादी पार्टी के बरेली जिले के बड़े नेताओ में होती है कलीमुद्दीन ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बरेली शहर विधानसभा से टिकट भी माँगा था, उनके समर्थक और बरेली के लोग उनका टिकट लगभग फाइनल मान रहे थे लेकिन आखिरी समय में उनका टिकट काटकर समाजवादी पार्टी के पार्षद राजेश अग्रवाल को दे दिया गया था।
एक नेता के साथ साथ कलीमुद्दीन ओमेगा क्लासेज बरेली के संस्थापक भी है। अब तक ओमेगा क्लासेज के माध्यम से सैंकड़ों बच्चों के डॉक्टर बना चुके हैं उनकी कोचिंग बरेली की नीट एग्जाम की तैयारी करवाने वाली सबसे बेहतरीन कोचिंग है। कलीमुद्दीन केमिस्ट्री के शिक्षक हैं और खुद भी अपनी कोचिंग में बच्चों को पढ़ाते हैं।
बढ़ा कलीमउद्दीन का कद……
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव बनने के बाद कलीमुद्दीन का कद पार्टी में बहुत बढ़ गया है। माना जा रहा है प्रदेश सचिव बनने के बाद बरेली की क्षेत्रीय राजनीति में भी उनका दखल बढ़ेगा। कलीमुद्दीन एक साफ़ छवि के सुलझे हुए नेता माने जाते हैं। अखिलेश यादव के इस कदम से यह भी साफ़ हो गया है कि अखिलेश यादव साफ़ छवि वाले युवा नेताओं पर भरोसा करके 2024 में पार्टी को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
मुस्लिम मतदाताओं पर अच्छी पकड़..
कलीमुद्दीन बरेली में बड़ी संख्या रखने वाले मुस्लिम मतदाताओं पर भी अच्छी पकड़ है प्रदेश संगठन को इस बात का भी अहसास है। महापौर चुनाव में जिस तरह मुस्लिम मतदाताओं ने कांग्रेस की तरफ रुख किया था हो सकता है प्रदेश संगठन के द्वारा उसको देखते हुए भी यह निर्णय लिया गया हो। अब मो कलीमुद्दीन मुस्लिम मतदाताओं को समाजवादी पार्टी से किस प्रकार और कितना जोड़े रख पाते हैं यह देखना भी दिलचस्प होगा। (Mohammad Kalimuddin Samajwadi Party)


