बरेली: देश में होली वाले दिन और जुमा की नमाज एक साथ पड़ने से पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती जरूर थी। लेकिन दोनों त्योहार शांति से संपन्न हो गए। बरेली की सभी मस्जिदों में जुमा की नमाज अदा की गई, हालांकि मिश्रित आबादी वाले इलाकों में मस्जिदों में नमाजियों की संख्या कम रही।
बरेली की नौमहला मस्जिद को जुमा के दिन पैर रखने की जगह नहीं होती है। लेकिन आज हालत ये थी कि मस्जिद में नमाज अदा करने बहुत कम लोग ही पहुंचे। होली की वजह से जुमा की नमाज का समय एक घंटा आगे बढ़ा दिया गया था। जिसके बाद ढाई बजे नमाज अदा करने का निर्णय लिया गया था।
बरेली में इस बार जुमा की नमाज का समय बढ़ाकर 2:30 बजे कर दिया गया है। दरगाह आला हजरत की ओर से भी लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने मस्जिद कमेटियों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और कोई अव्यवस्था न हो।
होली और जुमा की नमाज के एक साथ पड़ने से पुलिस प्रशासन के लिए यह दिन किसी इम्तिहान से कम नहीं है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि दोनों त्योहार सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 75 इंस्पेक्टर, 500 सब-इंस्पेक्टर, 500 हेड कांस्टेबल, 1100 कांस्टेबल/महिला कांस्टेबल, 2 कंपनियां PAC, 400 होमगार्ड, 1000 ग्राम प्रहरी और 300 सिविल डिफेंस वॉलंटियर तैनात किए गए हैं, इसके अलावा, 157 क्लस्टर मोबाइल टीमें गठित की गई हैं, जो स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई करेंगी। आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए 21 रिजर्व QRT (त्वरित कार्रवाई बल) बनाई गई हैं। 2 विशेष दंगा नियंत्रण दल भी तैयार किए गए हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करेंगे।
पुलिस की ओर से ड्रोन और रूफटॉप ड्यूटी लगाई गई है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। हर संवेदनशील क्षेत्र में एक ड्रोन ऑपरेटर को पुलिस के साथ जोड़ा गया है। रूट पर निगरानी के लिए सभी राजपत्रित अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया है।
पुलिस प्रशासन होली पर जुमे की नमाज को लेकर पूरे शहर में शांति की व्यवस्था बनाने में सफल रहा। और लोगों से भाईचारा बनाने की अपील की ।


