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Thursday, March 12, 2026
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मोदी के लोकसभा क्षेत्र में रेलवे कर्मचारियों ने दी मोदी सरकार को चुनौती

बनारस। प्रधानमंत्री के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में पूर्वोत्तर रेलवे कोचिंग डीपो के सामने, रेलवे मैदान में “फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे” एलायंस “नेशनल मूवमेंट फ़ॉर ओल्ड पेंशन स्कीम”, व “एनई रेलवे मेंस कॉग्रेस” सम्बद्ध “इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन” व “ऐक्टू” के तत्वावधान में एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो जन संवाद हजारों पेंशन विहीन रेलवे कर्मचारियों की भागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। जन संवाद में रेलवे के कई जोन में ऐक्टू से सम्बद्ध रेलवे में कार्यरत विभिन्न यूनियन व कटेरिगकल एसोसिएशन के साथ ही छात्र, किसान, संगठित व असंगठित क्षेत्र के मजदूर, बेरोजगार नौजवान, महिला, बुद्धिजीवी व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भागीदारी किया।
जन संवाद को सम्बोधित करते हुए नेशनल मुवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम, राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि हमें एनपीएस में संसोधन नही हुबहू पुरानी पेंशन चाहिए,
इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन, राष्ट्रीय अध्यक्ष व जन संवाद के विशिष्ट अतिथि मनोज पाण्डेय ने कहा कि राम को लाने का नाटक बंद करो राम कहीं गए नहीं थे, वो हमेशा हमारे साथ हैं, गई है तो हमारे बुढापे का सहारा पेंशन जिसे वापस लाना हमारा मकसद है।
एनई रेलवे मेंस कॉग्रेस, के केंद्रीय अध्यक्ष व जन संवाद की अध्यक्षता करते हुए अखिलेश पाण्डेय ने कहा कि कई वर्षों के संघर्ष के बाद आज सरकारी कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा पुरानी पेंशन बहाली बना है तभी तो ओपीएस खत्म कर एनपीएस लागू करवाने वाले सरकारी संगठन भी अपनी नौटंकी के साथ सक्रिय हुए हैं रेलवे में मान्यता प्राप्त फेडरेशन रेलवे कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है।

फ़्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे, राष्ट्रीय महासचिव व जन संवाद के मुख्य वक्ता- कॉम. राजेन्द्र पाल ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पुरानी पेंशन को मुख्य मुद्दा बनाना हमारा लक्ष्य है।
“नेशनल मूवमेंट टू सेव रेलवे” -राष्ट्रीय प्रचार सचिव- डॉ कमल उसरी ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार अमीरों का लाभ और गरीबों का विनाश करते हुए पैंसेंजर ट्रेन का किराया एक्सप्रेस के बराबर कर रही है और वंदे भारत समेत सभी ट्रेनों के एसी चेयर कार और एग्जीक्यूटिव श्रेणी के किराए में 25% तक कटौती कर रही है। जनता की सवारी भारतीय रेलवे के निजीकरण को सिर्फ़ रेलवे में कार्यरत कर्मचारी नहीं रोक पाएंगे, चूंकि भारतीय रेलवे से देश के युवाओं को सबसे अधिक रोजगार मिलता रहा है, रेलवे में लाखों वैकेंसी ख़ाली होने के बावजूद भी वर्षों से नई भर्ती बंद है, यात्रा के दौरान पूर्व में वरिष्ठ नागरिकों सहित आम अवाम को मिलने वाली तमाम सुविधाओं को वर्तमान केन्द्र सरकार ने बंद कर दिया है, इसलिए सरकारी कर्मचारियों के साथ बेरोजगार नौजवान, छात्र, किसान, पत्रकार, कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए ही एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो “जन संवाद” जैसे आयोजन हम लगातार कर रहें हैं। आम अवाम की भागीदारी से ही जनता की सवारी भारतीय रेलवे का निजीकरण हम रोकेंगे।
प्रसिद्ध लेखक व वरिष्ठ ट्रेंड यूनियन लीडर कॉम वी के सिंह ने कहा कि मेहनतकशों की एकजुटता ने ही नाजीवाद, फासीवादी को हराया था और पुनः वही एकता छात्र, किसान, मजदूर, नौजवान की बन रही है, जो भारत मे पूंजीवाद और सम्प्रदायिकता के गठजोड़ से उपजी नफ़रत की राजनीति को खत्म करेगी।
चर्चित दलित चिंतक व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो विक्रम ने कहा कि वर्तमान सरकार भारतीय संविधान को खत्म करते हुए मनुवाद को लागू करने की शुरुआत कर चुकी है, इसलिए ऐसे आयोजन की सख्त जरूरत है जो सभी वंचितों, शोषितों को तमाम कमी कमजोरी के बावजूद एक साथ लाने की कोशिश करें।
उत्तर प्रदेश ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन “आइसा प्रदेश उपाध्यक्ष”-, कॉम. मनीष कुमार ने कहा कि ज्ञान विज्ञान की तार्किकता पूर्ण सामाजिक अध्ययन के केंद्र रहे विश्विद्यालय आज ब्राह्मण राष्ट्र और ब्राह्मणवाद को लागू करने की प्रयोगशाला बन कर रह गए हैं, कैम्पस में पूरी तरह से लोकतंत्र खत्म हो गया है, शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ आवाज़ उठाने पर क्रूरता और निर्ममता पूर्वक दमन करते हुए छात्रों को बर्खास्त और निलंबित किया जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरूआत में रेलवे सेफ़्टी सेमिनार पर बातचीत से शुरू हुई, जिसमें पूर्वोत्तर रेलवे एलरसा ज़ोनल अध्यक्ष जे एन शाह एवं उत्तर रेलवे मंडल अध्यक्ष एस एस हांडा ने कहा कि रेलवे मे नई भर्ती नहीं होने की वजह से रेलवे कर्मचारियों की बहुत कमी है, कर्मचारियों से नियमानुसार मैनुवल से अधिक काम लिया जा रहा है, ठेका प्रथा व ऑउट सोर्सिंग से आने वाले कर्मचारियों में अनुभव की कमी वजहों से ही रेलवे में दुर्घटनाओं की बाढ़ आ गई है, सुरक्षा यंत्र की कमी के कारण लगातार ट्रैक मेंटेनर रनवोवर हो रहे हैं, लोको पायलट बहुत ही तकलीफ़, पीड़ा सहते हुए रेलवे का परिचालन कर रहे हैं।
कर्मचारियों का दर्द व परेशानी सुनने को कोई भी तैयार नही है, रेलवे प्रशासन के अधिकारी बहुत ही असंवेदनशील व्यवहार करते है।
रेलवे सेफ्टी सेमिनार और एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो “जन संवाद” जो पहले 21 जनवरी 2024 को होना प्रस्तावित था, जिसकी तैयारी ‘भूख के लिए पहले भोजन का इंतजाम करो”, फ़िर राम भजन की बात करो” नारे के साथ रेलवे कर्मचारी कई दिनों से जोनल, डिवीजन और ब्रांच स्तर पर कर रहे थे, कार्यक्रम की जोरदार तैयारियों की खबरें सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, यू ट्यूब, फेसबुक, इंस्ट्राग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप पर ख़ूब वायरल हो रही थी, जिससे लोकल प्रशासन व रेलवे की ख़ुफ़िया विभाग घबराकर कर स्थानीय जिला प्रसाशन व रेलवे प्रशासन ने पहले तो आयोजन समिति के जिम्मेवार साथियों पर कार्यक्रम पूरी तरह से न करने के लिए सांकेतिक नजरबंदी करते हुए दबाव बनाया, लेकिन जब साथियों ने झुकने से साफ़ साफ़ इंकार कर दिया, तब रेलवे प्रशासन ने मौखिक और लिखित रूप से यह कहा है कि श्री राम जन्मभूमि न्यास द्वारा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देश विदेश से तमाम अतिथि और अनुयायी भागीदारी करने के लिए आ रहे हैं, जिनमें से अधिकांश लोग भारतीय रेलवे से यात्रा करते हुए अपने- अपने गंतव्य तक पहुचेंगे, इसलिए आयोजन समिति ने रेल हित, जन हित मे अपने कार्यक्रम की तिथि को आगे बढ़ाते हुए 28 जनवरी 2024 कर लिया। इतने कम समय मे पुनः तैयारी करना वह भी विपरीत मौसम में बहुत ही कठिन था, लेकिन हजारों कर्मचारियों ने बिना डर भय के पूरे जोश और उत्साह के साथ भागीदारी करके “जन संवाद” को ऐतिहासिक रूप से सफ़ल बना दिया।
जन संवाद में मुख्य रूप से वाराणसी के पूर्व सांसद डॉ राजेश मिश्रा, फ़्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे जोनल संयोजक राकेश कुमार, वाराणसी मंडल संयोजक संतोष सिंह, इज्जतनगर संयोजक जयेन्द्र शेखर गुप्ता, छपरा संयोजक दीपक कुमार, लखनऊ सचिव राकेश वर्मा, कृष्ण कुमार, आयुष कुमार, दीनदयाल उपाध्याय, बृजेश पाल, मिर्जापुर से प्रमोद कुमार, कानपुर से उत्तर मध्य रेलवे जोनल सचिव अतुल गुप्ता, विवेक मिश्रा, एनई रेलवे मेंस कॉग्रेस सरंक्षक सुभाष दुबे, मनोज कुमार, दुर्गेश पाण्डेय, रजनीश तिवारी, कुँवर विकास सिंह, राजपति पाल, अब्दुल शेख़, प्रमोद श्रीवास्तव, मिथिलेश लोहार, पश्चिम मध्य रेलवे के सुरेंद्र नाथ विश्वकर्मा, पुष्पेन्द्र त्रिपाठी, रायसाहब यादव, राम प्रताप, पूर्व मध्य रेलवे से संतोष पासवान, मृतुन्जय कुमार, घनश्याम पासवान, नीतीश कुमार, उत्तर मध्य रेलवे से संजय तिवारी, ईरफ़ात अली, शिवेंद्र प्रताप सिंह, उत्तर रेलवे से फ़्रंट के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अखिलेश यादव, लखनऊ मंड़ल संयोजक वैभव सिंह मौर्य, ओबीसी मंडल अध्यक्ष यू के सिंह, बीएलडब्लू से प्रदीप कुमार, सुशील सिंह, दीपक कुमार, सरोज सिंह, सुधीर बाबू, वीडी दुबे, एलरसा वाराणसी मंडल मंत्री के पी यादव, ऑल इंडिया रेलवे एससी/एसटी एसोसिएशन पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर जोनल अध्यक्ष बच्चू लाल, ऑल इंडिया रेलवे ओबीसी एसोसिएशन उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल मंत्री एन के यादव, एआइआरटीयू राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अजय सरोज, उत्तर मध्य रेलवे से प्रमोद कुमार, बीएचयू से गोपाल यादव, डिफेंस कानपुर से एनएमओपीएस डिफेंस- संयोजक रमेश कुमार पाल, ऋषिराज, अटेवा के प्रदेश संगठन मंत्री रजत प्रहरी, प्रदेश महिला प्रकोष्ठ प्रभारी रंजना सिंह, वाराणसी सरंक्षक विनोद यादव, संयोजक चंद्र प्रकाश गुप्ता, संस्कृति प्रकोष्ठ की पार्वती विश्वकर्मा, बृजेश पाल, पूर्वोत्तर रेलवे के सभी डिवीजन से बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी शामिल रहे थे।
कॉम वी के सिंह जी ने स्वयं की लिखित प्रसिद्ध पुस्तक “भारत में ट्रेंड यूनियन आंदोलन के सौ वर्ष का इतिहास” तो एक अन्य साथी ने भारतीय संविधान की प्रति विजय बंधु को भेंट की।
जन संवाद के अंत मे संयुक्त किसान मोर्चा एवं संयुक्त ट्रेंड यूनियंस द्वारा आगामी 16 फ़रवरी 2024 को घोषित औधोगिक/क्षेत्रीय हड़ताल एवं ग्रामीण भारत बंद का समर्थन करते हुए पूरी तरह से सफ़ल बनाने और भागीदारी की घोषणा की गई।
एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो “जन संवाद” की अध्यक्षता अखिलेश पाण्डेय, संचालन डॉ कमल उसरी और धन्यवाद राकेश कुमार ने ज्ञापित किया।


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संतोष शाक्य Indus News TV के Special Correspondent हैं। संतोष शाक्य उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखण्ड यूनिवर्सिटी बरेली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं। विज्ञान के साथ इतिहास, सामाजिक विज्ञान, राजनीति, धम्म, दर्शन एवं अध्यात्म आदि संतोष शाक्य के पसंदीदा विषय हैं। इसके साथ संतोष शाक्य एक एंटरप्रेन्योर, मोटिवेशनल स्पीकर, लेखक, विचारक, पत्रकार, Life कोच, आध्यात्मिक शिक्षक भी हैं। जो मोटिवेशन, बिजनेस प्रमोशन, वेलनेस टॉक & Meditation के जरिए लोगों की मदद करते हैं। इसके साथ संतोष शाक्य एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के संचालक भी हैं। संतोष शाक्य के द्वारा कवर की गयी प्रमुख स्टोरी एवं उनके लेख पढ़ने के लिए आप Indus News TV की वेबसाइट https://www.indusnewstv.com को लॉग-ऑन कर सकते हैं। संतोष शाक्य के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप उनकी वेबसाइट https://www.santoshshakya.com भी विजिट कर सकते हैं।
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