उत्तराखंड: राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार देर रात से हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। टोंस, रिस्पना और बिंदाल नदियों के उफान पर आने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। अब तक 13 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
सबसे बड़ा हादसा प्रेमनगर थाना क्षेत्र में हुआ, जहां टोंस नदी के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार मजदूर पानी के तेज बहाव में बह गए। इस घटना में चार महिलाओं समेत आठ मजदूरों के शव बरामद हुए हैं। वहीं सहस्त्रधारा में तीन और मसूरी में एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके अलावा डीआईटी कॉलेज के पास दीवार गिरने से दबे छात्र का शव भी मिल चुका है। बारिश से मालदेवता, सहस्त्रधारा और पौंधा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। देवभूमि इंस्टीट्यूट परिसर में जलभराव से फंसे करीब 200 छात्रों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित रेस्क्यू किया।
मसूरी में भारी बारिश के चलते होटल एसोसिएशन ने सभी पर्यटकों के लिए मुफ्त ठहरने की व्यवस्था की है। प्रशासन ने भी होटलों, धर्मशालाओं और गुरुद्वारों में पर्यटकों के रहने की सुविधा उपलब्ध कराई है। नगर पालिका की बसों से पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
बारिश से तबाही के बड़े बिंदु
– देहरादून में अब तक 13 शव बरामद, कई लापता
– प्रेमनगर में टोंस नदी ने ली 8 मजदूरों की जान
– सहस्त्रधारा में तीन शव मिले, मसूरी में एक की मौत
– देवभूमि इंस्टीट्यूट के 200 छात्र-छात्राओं का रेस्क्यू
– रिस्पना और बिंदाल नदियां उफान पर, घरों में घुसा पानी
– ऋषिकेश-चंबा मार्ग कई जगह वाशआउट, यातायात बाधित
– मसूरी में पर्यटकों को मुफ्त प्रवास, बसों से सुरक्षित निकासी


