बरेली: उत्तर प्रदेश शासन द्वारा हजारों विद्यालयों को पेयरिंग के नाम पर बंद करने के निर्णय के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सैकड़ों अध्यापकों के साथ विशाल धरना दिया। संघ ने आरोप लगाया कि इस निर्णय से हजारों प्रधानाध्यापकों के पद और रसोईयों की सेवा समाप्त हो जाएगी। और अपनी मांगे बताई!
1. 01 अप्रैल, 2005 व उसके पश्चात नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था (ओपीएस) से आच्छादित किया जाए।
2. पेयरिंग/मर्जर की प्रक्रिया रोकी जाए और किसी भी विद्यालय को बंद न किया जाए।
3. प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक की पदोन्नति और तैनाती की जाए।
4. शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति कैशलेस चिकित्सा सुविधा और सामूहिक बीमा का लाभ प्रदान किया जाए।
5. शिक्षकों को चयन वेतनमान के अंतर्गत प्रोन्नत वेतनमान अनुमन्य किया जाए।
6. शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति उपार्जित अवकाश, द्वितीय शनिवार अवकाश, प्रतिकर अवकाश और अध्ययन अवकाश अनुमन्य किया जाए।
7. ग्रीष्मकाल में शिक्षण की अवधि प्रातः 07:30 से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित की जाए।
8. शिक्षकों को बीएलओ की ड्यूटी से मुक्त रखा जाए।
9. आकांक्षी जनपदों में कार्यरत शिक्षकों का अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण किया जाए।
10. मृतक बेसिक शिक्षकों के आश्रितों को शिक्षक के पद पर नियुक्ति दी जाए।
संघ ने निर्णय लिया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ ने सरकार से मांग की है कि वह शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करे और उनके हितों की रक्षा करे।
विशाल धरने में मुकेश सिंह चौहान,शिवस्वरूप शर्मा,अजरार हुसैन आगा, प्रमोद गंगवार, विशेष गंगवार ,प्रेम बाबू गंगवार, विजय कुमार सिंह बब्लू, हरीश बाबु गंगवार, के.एल.गौतम , सोहित सिंह ,शशि भूषण ,संजय शर्मा ,विनोद वर्मा,बनवारी लाल ,केदार सिंह बहेब, मो० हसन, अंकित गुप्ता, अभिषेक शर्मा ,कुमुद कांत यादव, अंकित सक्सेना, प्रसून गंगवार सुशील कुमार ,साजिद, महेंद्र सिंह गुर्जर, भरत गंगवार के साथ सैकड़ों अध्यापक गण मौजूद रहे!


