उत्तरप्रदेश के संभल में कोल्ड स्टोरेज हादसे ने कई सवालों को जन्म दिया है। बेशक, एफआईआर स्टोरेज के मालिक के खिलाफ दर्ज की गई है और सीधे तौर पर जिम्मेदार भी वही है। लेकिन, स्टोरेज का निर्माण, संचालन, बिजली, मजदूरों की भर्ती, रखरखाव के लिए सरकारी एजेंसियों को भी जिम्मेदार क्यों नहीं माना जाए। क्या बिना उनकी सहमति या देखरेख के ये सब चल रहा था, जिसका नतीजा दर्दनाक हादसे के रूप में हुआ। इस तरह निर्माण क्या दूसरे कोल्ड स्टोरेज में नहीं होंगे। (Cold Storage Accident Sambhal?)
क्या लखनऊ में कुछ दिन पहले बिल्डिंग ढहने ओर उससे पहले मोरबी पुल टूटने के पीछे भी यही कारण नहीं हैं। नेशनल बिल्डिंग कोड का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी किस पर है, उन्हें कोई सजा क्यों नहीं दी जाती ऐसे हादसों के आधार पर। इससे भी बड़ा सवाल ये है कि देश में मजदूरों की जान की कोई कीमत है या नहीं, श्रम कानून हैं या नहीं। (Cold Storage Accident Sambhal?)


