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Thursday, March 12, 2026
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तुम कश्मीर में मार रहे हम यहां मारेंगे, मुस्लिम किशोर पर जानलेवा हमला

सांप्रदायिक नफरत का नतीजा कितना घातक हो सकता है, इसे एक घटना ने फिर साबित कर दिया। उत्तरप्रदेश के बरेली में 19 दिसंबर को यह घटना सामने आई। हालांकि पुलिस की रिपोर्ट सामान्य पिटाई की है। वहीं इस मामले की पड़ताल में पिटने वाले किशोर, उसके परिजनों और मौके पर मौजूद रहे लोगों ने कुछ और ही बताया, जो संगीन है। (You are killing in Kashmir)

उत्तरप्रदेश के बरेली शहर में सौ फुटा रोड पर एक कार वर्कशॉप पर काम सीखने वाले मुस्लिम किशोर 15 वर्षीय मुकीम पर अचानक हमला हो गया, जब वह नजदीक में एक चाय की दुकान पर चाय लेने गया था। उसी वक्त दो युवक वहां कार से पहुंचे और उसे पीटने लगे। लात घूंसों से इतना पीटा कि वह बेहोश हो गया।

पीटने वालों ने हमले के समय कहा, तुम मुसलमान कश्मीर में हिंदुओं को मार रहे हो, हम यहां तुम्हें सबक सिखाएंगे। बेहोशी की हालत में मुकीम को नीलकंठ अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई घंटे बाद उसे होश आया और अब हालत में सुधार है। (You are killing in Kashmir)

इंडस न्यूज ने इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि पुलिस ने मामले पर एनसीआर दर्ज की है और उसमें इसका जिक्र नहीं है कि किस वजह से जानलेवा पिटाई की गई। वहीं इंडस न्यूज से घायल मुकीम, उसकी मां, चाय की दुकान वाले ने जो बताया, वह मामला सांप्रदायिक नफरत से जुड़ा लग रहा है।

इज्जतनगर थाने के सब इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने इंडस न्यूज से कहा, परिजनों की तहरीर के आधार पर धारा 323 के तहत रिपाेर्ट दर्ज की गई है। घायल युवक के मेडिकल चेकअप के आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी। आरोपियों में से एक रोहित ठाकुर को ट्रेस कर लिया गया है, उस पर आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, फिलहाल वह फरार है। (You are killing in Kashmir)

इस दरम्यान बरेली-शाहजहांपुर के बीच ट्रेन में एक युवक को मोबाइल फोन चोरी के शक में पीटकर बोगी के बाहर फेंक दिया गया, जिससे युवक की मौत हो गई। पांच दिन तक यह मौत गुमनाम रही, युवक की शिनाख्त नहीं हुई। अब जाकर पता चला कि मॉब लिंचिंग का शिकार हुए युवक का नाम अहताब है और मुजफ्फरपुर बिहार का रहने वाला है। उसके बहनोई शोहराब ने पहचान की।

अहताब दिल्ली में किसी फैक्ट्री में मजदूरी के लिए ट्रेन में सवार था, जब उसको मौत के घाट उतारा गया। घटना की वीडियो वायरल होने पर मुख्य आरोपी नरेंद्र दुबे को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों का कहना है कि पिटाई के समय अहताब के पास आधार कार्ड मिला था और ताबीज भी पहने था। (You are killing in Kashmir)

इस वारदातों से समझ सकते हैं कि नफरत की बुनियाद पर भीड़ खूनी फैसला देने पर उतारू है। अख़लाक, पहलू ख़ान, हाफ़िज़ ज़ुनैद तक, दर्जनों लोग मॉब लिंचिंग की भेंट चढ़ गए। नफरत का कारोबार ठहरा नहीं। फिर ऐसे मामले भी सामने आने लगे कि थूक कर फल बेच रहा था, पेशाब करके सब्जी बेच रहा है, कभी चूड़ी बेचने वाले को तो कभी कबाड़ लेने वाले को पीटने की घटनाएं सामने आने लगी।

मास हिस्टीरिया के साथ यह घृणा यहां तक पहुंची कि बच्चा चोरी के शक में कितनों को मौत के घाट उतार दिया गया। कश्मीर के नाम पर जो घृणा है, उसको पहले भी देखा गया है, जब कई शहरों में गर्म शॉल या कोई और फेरी लगाने वालों को पीटा गया। कश्मीर से हर मुसलमान को जोड़कर हमले की ताजा वारदात को गंभीरता से नहीं लिया गया तो यह बीमारी विकराल रूप ले लेगी। (You are killing in Kashmir)

सोचने की बात है, चाय की दुकान पर टोपी लगाकर चाय लेने गए मुकीम ने तो कश्मीर कभी देखा भी नहीं, फिर उस पर यह आरोप कैसे लगा दिया गया- तुम मुसलमानों कश्मीर में मार रहे हो, हम यहां मारेंगे। यह इंसाफ करने वाले भी कौन थे, घनघोर अपराधी, जिनकी पुलिस को तलाश है।


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