चलती ट्रेन से युवक को फेंककर मार डाला, पांच दिन से मृतक का पता खोज रही जीआरपी-शाहजहांपुर पुलिस
चोरी के शक़ में हत्याएं कितनी सामान्य हो गईं महज श़क की बुनियाद पर इंसानों की भीड़ ख़ूनी बन जाती है. पीट-पीटकर हत्या देती या दूसरे तरीक़े से मार दे रही है. अख़लाक, पहलू ख़ान, हाफ़िज़ ज़ुनैद तक, दर्जनों लोग मॉब लिंचिंग की भेंट चढ़ गए. इन हत्याओं का विरोध हुआ, तो एक भीड़ मॉब लिंचिंग शब्द की ही लिंचिंग करने पर टूट पड़ी. शोर थम गया, लेकिन हत्याओं का सिलसिला जारी है. (Young man was killed)
ताज़ा मामला शाहजहांपुर का है. जहां चलती ट्रेन में एक युवक को चोरी के शक़ में यात्रियों की भीड़ ने, पहले तो, बेरहमी से पीटा. फिर उसी भीड़ में से नरेंद्र कुमार दुबे नामक ग़ाज़ियाबाद के एक यात्री ने युवक को चलती ट्रेन से फेंक दिया. जिससे उसकी मौत हो गई. विडंबना देखिए. ट्रेन से जिस यात्री की हत्या की गई. वो कौन है, कहां का है. पांचवें दिन भी कोई अता-पता नहीं लग सका. पुलिस का दावा है कि तीन टीमें बनाकर मारे गए युवक का पता खोजा जा रहा है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली.
घटना 15 दिसंबर की रात कोई 11: 30 बजे की है. नई दिल्ली एक्सप्रेस, जो अयोध्या कैंट से चली थी-उसके जनरल कोच में सवार एक महिला का मोबाइल चोरी हो गया. यात्रियों की भीड़ ने एक युवक को पकड़ा. और चोरी के शक़ में उसे बेरहमी से पीटा. ट्रेन शाहजहांपुर इलाक़े में थी, तभी नरेंद्र दुबे ने उसे ट्रेन से फेंक दिया. इससे उसकी मौत हो गई. कुछ यात्रियों ने युवक की पिटाई का वीडियो बना लिया और पुलिस में शिकायत कर दी. (Young man was killed)
बरेली जीआरपी ने आरोपी नरेंद्र दुबे को गिरफ़्तार कर लिया. सूचना पर तिलहर पुलिस ने लाश बरामद कर ली. और अब उसका पता खोजा जा रहा है. मतलब, महज चोरी के शक़ में युवक की हत्या कर दी गई. गूगल पर सर्च करेंगे तो ट्रेन में इस तरह की घटनाओं की एक लंबी फ़ेहरिस्त तैयार हो जाएगी. भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के मामले में भी यही हाल है. जगह स्थान और कारण ज़रूर बदल रहा है, लेकिन भीड़ बेक़ाबू है. (Young man was killed)