बरेली: ISWA कथित दुर्व्यवहार में पीड़िता के पास ‘धमकी’ का कथित ऑडियो मौजूद, SSP से मिलकर सुनाने की तैयारी, डॉ अयूब अंसारी पर पीड़िता को धमकाने के कथित आरोप
बरेली: बरेली में ISWA कार्यक्रम से जुड़े कथित दुर्व्यवहार मामले में घटनाक्रम और गंभीर होता जा रहा है। पीड़िता का दावा है कि उसके पास डॉ. अयूब अंसारी का एक ऑडियो मौजूद है, जिसमें कथित तौर पर पीड़िता से कथित दुर्व्यवहार के मामले को दबाने के लिए धमकाया जा रहा है और मना करने पर अखबारों के माध्यम से बदनाम करने की बात कही जा रही है। पीड़िता के अनुसार ऑडियो में डॉक्टर अयूब अंसारी के द्वारा कई प्रतिष्ठित अखबारों के नाम भी लिए जा रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, यह ऑडियो उसने पुलिस और राज्य महिला आयोग को उपलब्ध करा दिया है।
डॉ अयूब अंसारी (फाइल फोटो)
पीड़िता का कहना है कि वह उक्त ऑडियो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को भी सुनाने गई थी, लेकिन उस दिन मुलाकात नहीं हो सकी।
अब पीड़िता दोबारा समय लेकर एसएसपी से मिलकर पूरी बात रखने की तैयारी में है और न्याय की मांग कर रही है। पीड़िता ने यह भी कहा कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली है और उसकी छवि को लगातार धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।
डॉ लईक अहमद अंसारी, डिप्टी सीएमओ (फाइल फोटो)
इस बीच, मामले में बरेली के स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी CMO डॉ. लईक अहमद अंसारी का नाम भी चर्चा में आ गया है। पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में कार्यक्रम के दौरान उनकी मौजूदगी का उल्लेख करते हुए विभागीय जांच की मांग की है। यदि यह पहलू जांच में पुष्ट होता है, तो स्वास्थ्य विभाग स्तर पर भी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।
दूसरी ओर, जिन डॉक्टरों ने पीड़िता पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं। अब नजर इस बात पर है कि क्या इन आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य सामने आते हैं या नहीं। जैसा कि पीड़िता ने कहा कि आरोप निराधार है यदि पीड़िता की बात सही साबित होती है और आरोपों की पुष्टि नहीं होती, तो इसके कानूनी परिणाम क्या आते हैं।
फिलहाल, एक ओर पीड़िता द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत करने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की ओर से अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में इस संवेदनशील मामले में आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।