बरेली: ISWA संस्था से जुड़े कथित दुर्व्यवहार मामले में घटनाक्रम लगातार तेज होता जा रहा है। पीड़ित कथित महिला पत्रकार ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या पुष्पा पांडे से मुलाकात कर पूरा मामला रखा और लिखित प्रार्थना पत्र सौंपते हुए न्याय की मांग की है।
पीड़िता का आरोप है कि 18 अप्रैल 2026 को आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ. अयूब अंसारी एवं उनके साथियों द्वारा उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और अनुचित तरीके से छुआ गया।
डॉ अयूब अंसारी, अल मदीना अस्पताल (फाइल फोटो)
पीड़िता के अनुसार, घटना के संबंध में 19 अप्रैल 2026 को थाना बारादरी में तहरीर दी गई, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। इसके बाद 22 अप्रैल को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र सौंपा गया, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद उस पर समझौते का दबाव बनाया गया और मना करने पर मीडिया के माध्यम से बदनाम करने की धमकी दी गई। साथ ही, कुछ यूट्यूब चैनलों पर भ्रामक खबरें चलाकर उसकी पहचान सार्वजनिक कर दी गई, जिससे उसकी निजता और सुरक्षा पर खतरा पैदा हो गया।
महिला आयोग को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़िता ने ISWA संस्था की गतिविधियों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं और संस्था से जुड़े डायग्नोस्टिक/अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की मांग की है।
बताया जा रहा है कि महिला आयोग की सदस्या पुष्पा पांडे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया है। अब इस प्रकरण में प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।