बरेली। उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली में पैग़ाम ए इंसानियत द्वारा 19वीं तालीमी कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन रविवार को आईएमए हॉल में किया गया। इस अवसर पर शिक्षा, समाज सेवा और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को लेकर विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में बरेली जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे(19th ‘Paigham-e-Insaniyat’ Conference)

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं अतिथि प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर जमील सिद्दीकी एवं किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. कौसर उस्मान रहे। दोनों अतिथियों का फाउंडेशन के पदाधिकारियों द्वारा बुके और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।

कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के महत्व को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो किसी भी समाज और राष्ट्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाने का आह्वान किया(19th ‘Paigham-e-Insaniyat’ Conference)

मुख्य अतिथि जमील सिद्दीकी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का आधार शिक्षा होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक मूल्यों को भी अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही देश के विकास में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

वहीं तालीमी कान्फ्रेंस के मुख्य अतिथि डॉ. कौसर उस्मान ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का युग है, इसलिए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण और समाज सेवा का भी महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, अनुशासन और समय प्रबंधन के महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी(19th ‘Paigham-e-Insaniyat’ Conference)

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों द्वारा उन्हें सर्टिफिकेट और मोमेंटो प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी सफलता के अनुभव भी साझा किए और अन्य छात्रों को निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि पैग़ाम ए इंसानियत फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। संस्था का प्रयास है कि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध हो सकें। इसी उद्देश्य के साथ हर वर्ष तालीम कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाता है, जिसमें छात्रों को मार्गदर्शन देने के साथ-साथ उन्हें सम्मानित भी किया जाता है।

कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता, महिला शिक्षा, कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन जैसे विषयों पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा का प्रसार अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

अंत में पैगामे इन्सानियत के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन पैगाम ए इंसानियत के अध्यक्ष इंजीनियर अहमद अजीज खान किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ। 19वीं तालीम कॉन्फ्रेंस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा ही समाज को प्रगति, जागरूकता और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम है।


