फर्रुखाबाद:- समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री चन्द्रपाल सिंह यादव एवं लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी डा. नवल किशोर शाक्य जी के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधि मण्डल के सदस्य 18 जुलाई को डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती थाना मोहम्दाबाद के पट्टी प्रदुम्मन निवासी श्री रामसिंह शाक्य पुत्र फकीरेलाल तथा उनकी पुत्रियों दीक्षा शाक्य व सुधा शाक्य से मिलकर उनका कुशलक्षेम जानने पहुंचे जहां उन्होंने पीड़ितजनों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर डॉक्टरों से स्वास्थ/चिकित्सा सम्बन्धी जानकारी लेकर प्रतिनिधि मण्डल ने पीड़ित परिवार को *समाजवादी पार्टी की तरफ से चेक सौंपकर आर्थिक सहयोग* दिया एवं उन्हें आश्वासन दिया कि समाजवादी पार्टी हर दुःखी, पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है, पीड़ित परिवार अपने को अकेला न समझे जिलाध्यक्ष यादव ने कहा कि रामसिंह शाक्य एवं उनकी बेटियों के साथ मारपीट की जो घटना हुई है वो दु:खद और निंदनीय है, समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि उपरोक्त घटना में आरोपी युवक को सांसद फर्रुखाबाद सपाई गुण्डा कह कर संबोधित कर रहे हैं।

जब हमने पड़ताल की तो पाया कि उक्त आरोपित मानवेन्द्र यादव उर्फ टाॅर्जन कभी भी समाजवादी पार्टी का सदस्य/पदाधिकारी नहीं रहा है और ना ही समाजवादी पार्टी के किसी कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका रही है। बल्कि हमने देखा है कि भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं विधायक, एम.एल.सी, राज्यमंत्री और यहां तक कि खुद सांसद फर्रुखाबाद के साथ आरोपित मानवेन्द्र यादव के फोटो उसके भाजपाई होने का प्रमाण बनकर शिलालेखों की तरह सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि पीडीए एकता से घबराए हुए लोगों द्वारा पीडीए परिवार को बांटने की ये कुत्सित राजनैतिक साज़िश सरेआम उजागर हो चुकी है, इससे प्रमाणित होता है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता समाजवादी पार्टी को बदनाम करने के लिए अपने खुद के पाले-पोशे गुण्डों से गुण्डई कराते हैं फिर किसी न किसी रूप से उसे समाजवादी पार्टी से जोड़ने का प्रयास करते हैं। समाजवादी पार्टी का मतलब सिर्फ यादव नहीं है समाजवादी पार्टी का मतलब पीडीए परिवार है और पीडीए का पी समाज के हर “पीड़ित” को अपने में समायोजित कर रहा है।

किसी अपराधी के सिर्फ यादव होने मात्र से उसे जाति के आधार पर पार्टी से जोड़ देना सांसद की जातिवादी राजनैतिक मानसिकता को प्रमाणित करता है, जाति-गत कारणों से ही अगर हर यादव समाजवादी है तो भाजपा में संगठन सहित सरकार में तमाम पदों पर यादव समाज के नेता बैठे हैं तो क्या वो भी सपाई हैं ? सांसद द्वारा एक अपराधी को जाति विशेष के कारण ही एक पार्टी से सम्बद्ध कर देने और मिथ्या आरोप लगाने से समाजवादी पार्टी के असंख्य कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुईं हैं। सांसद को अपना बयान वापस लेना चाहिए।



