बरेली: जनपद की सुर्खियों में एक बार फिर सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया, इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात ! और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहीं, दरगाह आला हज़रत की ओर जाने वाले तमाम रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
मौलाना तौकीर रजा ने मुस्लिमों पर हो रहे कथित ‘सरकारी जुल्म’ के खिलाफ आज सेठ दामोदर पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर गिरफ्तारी देने का ऐलान किया था। इस घोषणा के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया और देर रात से ही पूरे शहर को पुलिस निगरानी में ले लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, संगठन के महानगर अध्यक्ष व पार्षद अनीस सकलेनी को पुलिस ने देर रात उनके कार्यालय पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया। उनके सभी मोबाइल नंबर सर्विलांस पर हैं और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। शहर भर में खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और IMC से जुड़े अन्य प्रमुख कार्यकर्ताओं को भी चिन्हित किया जा रहा है!
गौरतलब है कि मौलाना तौकीर रजा पर 2010 के दंगों में भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। बरेली की अदालत ने उन्हें इस मामले में दोषी ठहराया था और गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिली थी, मगर मौजूदा घटनाक्रम ने मामले को फिर गर्मा दिया है।
मौलाना ने अपने बयान में कहा कि, “जब-जब ज़ुल्म बढ़ा है, हमने आवाज़ उठाई है। गिरफ्तारी से डरने वाले नहीं हैं। ये लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि इंसाफ की है।”
उनके समर्थक भी सोशल मीडिया और सड़कों पर सक्रिय हो गए हैं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते देखे गए हैं।
बरेली पुलिस ने हालात को काबू में रखने के लिए कई थानों की फोर्स को तैनात कर दिया है। अफसरों का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। ADG, IG और DM खुद हालात की निगरानी कर रहे हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
फिलहाल बरेली में हालात तनावपूर्ण हैं। मुस्लिम समुदाय में नाराजगी है और सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कुछ संगठनों ने भी इस कार्रवाई को ‘सांप्रदायिक भेदभाव’ बताते हुए तीखा विरोध दर्ज कराया है।
वहीं प्रशासन का साफ कहना है कि कानून-व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


