बरेली: पूर्वोत्तर रेलवे में निर्वाचित एवं मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियन एन ई रेलवे मेंस कांग्रेस को तम्बू में कामकाज करते हुए आज सत्रह दिन पूर्ण हो गए लेकिन न तो जिम्मेदार अधिकारीयों ने यूनियन को कार्यालय आवंटित करने में दिलचस्पी दिखाई और न ही पराजित यूनियन के हठधर्मी पदाधिकारियों ने कर्मचारी हितों को दृष्टिगत रखते हुए अपनी हठधर्मिता को दरकिनार कर कब्जाए गए कार्यालय भवन खाली किए जिसके चलते मान्यता प्राप्त यूनियन को कर्मचारियों के हित में कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यांत्रिक कारखाना गेट के सामने सड़क पर तम्बू में बने अस्थाई कैंप कार्यालय में ही आज कारखाना कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई जिसमें कर्मचारी हितों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई एवं तत्संबंधित निर्णय लिए गए। इस दौरान मंडल के विभिन्न स्टेशनों से आने वाले कर्मचारियों व पदाधिकारियों के आने का सिलसिला भी जारी रहा। कर्मचारियों की समस्याओं की सुनवाई एवं उनके निस्तारण हेतु वांछित कार्रवाई भी की गई। कारखाना मंडल अध्यक्ष अनवारूल हसन ने कहा कि हारी हुई यूनियनों का कार्यालय खाली न कर निर्वाचित और मान्यता प्राप्त यूनियन के कामकाज में बाधा पहुंचाना उनके कर्मचारी विरोधी चरित्र को दर्शाता हैं। जिन्होंने कभी कर्मचारी हितों के नाम पर जीत हासिल की थी आज स्वयं कर्मचारी हितों की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बने खड़े हैं।
इस अवसर पर एन ई रेलवे मैंस कांग्रेस के संरक्षक श्री संतोष यादव, मंडल मंत्री रजनीश तिवारी, कारखाना मंडल अध्यक्ष अनवारूल हसन, इज्ज़तनगर मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह, जयेंद्र शेखर गुप्ता, राजेश दीक्षित, दिनेश उपाध्याय, दिनेश यादव, देवेन्द्र सिंह, राजेंद्र गुप्ता, अनिल शर्मा, अर्पित कुमार, विवेक कुमार, राजू कुमार, चेतराम, प्रमोद कुमार, नेमीचन्द्र, प्रवीण कुमार, रवि रमोला, हंसराज मीना, राजू कुमार, अवधेश कुमार, अब्दुल इकरार, दीपक कुमार आदि उपस्थित रहे।
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