बरेली: फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में चौकी प्रभारी समेत दो सिपाहियों पर एक किसान को अपहरण कर उस पर स्मैक तस्करी में फसाने की धमकी देने पर परिवार से दो लाख रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
घटना के अनुसार, फतेहगंज पश्चिमी में तैनात चौकी प्रभारी बलवीर सिंह अपने दो सहयोगियों, सिपाही मोहित चौधरी और हिमांशु के साथ एक किसान बलवीर के घर पहुंचे। बताया गया कि उन्होंने तलाशी के नाम पर घर में तोड़फोड़ की और युवक को जबरन अपने साथ उठा ले गए।
बलवीर को एक निजी स्थान पर बंदी बनाकर उससे स्मैक तस्करी के आरोप में फंसाने की धमकी दी और उसके परिवार से दो लाख रुपये की मांग की गई। परिवार ने तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी।
मामला संज्ञान में आते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देश पर सीओ हाईवे मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों को भागते देख बलवीर को मुक्त कराया गया और पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
जांच में दोषी पाए जाने पर चौकी प्रभारी बलवीर सिंह, सिपाही मोहित चौधरी और हिमांशु को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
तीनों आरोपी पुलिसकर्मी फिलहाल गायब हैं, जिनकी तलाश में टीमें गठित की गई हैं। साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एसएसपी अनुराग आर्य ने दो टूक कहा कि,
“किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह पुलिस महकमे का ही कोई व्यक्ति क्यों न हो।”
यह मामला न केवल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यदि आम जनता सजग हो और समय रहते उच्च अधिकारियों तक बात पहुंचाई जाए,तो अधिकारी निष्पक्ष मदद करेंगे।


