बरेली: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा इंजि.अनीस अहमद खान के नेतृत्व में शनिवार को मीटिंग हाल में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग (पीडीए) की पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें जिलेभर से समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भाजपा सरकार की नीतियों को पीडीए विरोधी बताते हुए संघर्ष का आह्वान किया गया।

पीडीए की पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा का निजीकरण पीडीए वर्ग के युवाओं को पीछे धकेल रहा है। महिला नेताओं ने महिला सुरक्षा, आरक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार की उदासीनता पर चिंता व्यक्त की गई। निर्णय लिया गया कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पीडीए वर्ग की आवाज को निर्णायक बनाया
इंजि. अनीस अहमद खान ने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं भी इन वर्गों से दूर की जा रही हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कुछ वर्गों तक सीमित रह गया है, जबकि पीडीए वर्ग के लोग अब भी संघर्ष कर रहे हैं। युवाओं का पी.डी.ए. पंचायत आह्वान करते हुए कहा कि अगर आज हम नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य और भी अंधकारमय हो जाएगा। सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए एक व्यापक आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया। महापंचायत में कैंट प्रभारी अनुराग पटेल, शमीम सुल्तानी, महानगर उपाध्यक्ष राजेश मौर्या,
अम्बेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोनकर, जितेंद्र मुंडे, जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश पाल एडवोकेट, समाजसेवी बृजेश श्रीवास्तव, श्यामवीर सिंह यादव, सुभाष चंद्र गुर्जर, राम सेवक प्रजापति, संजीव कश्यप, सम्राट अनुज मौर्य, नोटू कश्यप,सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


