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Thursday, March 12, 2026
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बरेली: सपा नेेत्री ज़ैनब फ़ातिमा ने मुहर्रम महीने के पहले दिन लोगों को दिया संदेश.

बरेली: मुहर्रम का महीना हमें हक़ और इंसाफ़ की राह पर चलने का सबक़ देता है। इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथियों की क़ुर्बानियों को याद करने का यह महीना हमें सिखाता है कि सच्चाई और इंसाफ़ की राह पर चलने के लिए अपनी जान की क़ुर्बानी देने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए। मुहर्रम हमें आपस में मुहब्बत कायम रखने और अपने दीन व ईमान की हिफ़ाज़त करने की भी सीख देता है।

 

ज़ैनब फ़ातिमा ने कहा कि मुहर्रम हमें सिखाता है कि हक़ और इंसाफ़ के लिए जद्दोजहद करना चाहिए, भले ही इसके लिए कितनी भी क़ुर्बानी देनी पड़े। यह महीना हमें सब्र, क़ुर्बानी और सच्चाई का दर्स देता है। हमें ईमान की रौशनी में इस्लामिक हिदायतों पर अमल करके अपनी ज़िन्दगी गुज़ारनी चाहिए।

 

मुहर्रम के मुक़द्दस महीने में हमें अपने अक़ाइद पर डटे रहने और नाइंसाफ़ी के लिए आवाज़ बुलंद करने की सीख मिलती है। हमें हमेशा हक़ और इंसाफ़ के लिए जद्दोजहद करना चाहिए और मुश्किलों और मुसीबतों में सब्र से काम लेना चाहिए। इमामे हुसैन की क़ुर्बानी हमें सच्चाई और न्याय के लिए लड़ने की प्रेरणा देती है और हमें अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने की सीख देती है।

 

इस प्रकार, मुहर्रम का महीना हमें नैतिकता, एकता और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह हमें अपने जीवन में सच्चाई और न्याय को अपनाने और उसके लिए संघर्ष करने की प्रेरणा प्रदान करता है।

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