बरेली: नेशनल काउंसिल चर्च ऑफ़ इंडिया (एनसीसीआई) ने बरेली स्थित क्राइस्ट मेथाडिस्ट चर्च (सेंट्रल चर्च) में 8 जुलाई, 2025 को ईसाई समाज के साथ एक कार्यशाला की जिसमें ईसाई समाज व अल्पसंख्यक दलित और आदिवासी समाज के बच्चों के लिए देश की नागरिक सेवा में अपनी सेवाएं कैसे दें व देश की A क्लास नौकरी मे ईसाई समाज के बच्चे कैसे पहुंचे कार्यशाला में मुख्य अतिथि हेल्पिंग हैंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जॉन रॉबिंसन ने कहा हमारे समाज से आईएएस पीसीएस आईपीएस अधिकारी निकलेंगे तभी समाज में जागरूकता और समाज विकशित हो सकता है. ईसाई समाज ही वह समाज है जिसने देश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया है ईसाई समाज ही वह समाज है की मेडिकल जगत में जब भी नर्स की बात आती है तो इसी नर्स को प्राथमिकता दी जाती है, आज भी देश के टॉप शिक्षण संस्थान ईसाइयों के हैं इस तरह से अब हमको बेड़ा उठाना है और अपने देश के लिए अपने समाज के बच्चों को अब आईएएस पीसीएस आईपीएस और ज्यूडिशरी की तैयारी करायें जैसे समाज के बच्चे ए क्लास नौकरी पर पहुंच करके समाज का नाम रोशन कर सके. कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं लाइफ और विजन फाउंडेशन के अध्यक्ष जलाल मैसी ने कहा कि समाज को जागरूक करने के लिए धर्म गुरुओं को आगे आना होगा क्योंकि उनके पास उनके चर्च में जो बच्चे आते हैं उनको वह अच्छे से समझा सकते हैं और यह तैयारी बच्चा जब छोटा होता है तभी से उसको करनी चाहिए उसका मन यह सेट करना चाहिए कि तुझे आईएएस आईपीएस पीसीएस अधिकारी ही बना है उन्होंने कहा हर पादरी के लिए यह घर परीक्षण होगा जब उनकी चर्च का कोई बच्चा चर्च आराधना में लाल नीली बत्ती की गाड़ी से आएगा और उसकी सुरक्षा में उसके आगे पीछे पुलिस की गाड़ियां होंगी.
इस मौके पर एनसीसीआई की तरफ से मिसेज शालिनी राजेंद्र ने कहा एनसीसीआई वह संस्था है जो बच्चों को बहुत कम दाम पर आईएएस पीसीएस आईपीएस और ज्यूडिशरी की तैयारी करवाती है जब हमारे समाज के बच्चे हमारे समाज के लोग उस लेवल पर बैठे होंगे जिस टॉप क्लास अधिकारी का इस्तेमाल करके राजनीतिक पार्टियां ईसाई अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव कर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसा रहे हैं. जिस तरह से शिक्षा व्यवस्था मेडिकल सुविधाओं में ईसाई समाज ने अपना योगदान दिया है अब बारी है हमें देश की नागरिक सेवा में यह योगदान देना होगा हम कब तक सोते रहेंगे हमको उठना है और समाज को जगाना है सिर्फ नर्स बन जाना टीचर बन जाना कुछ नहीं बने तो पादरी बन जाना यह धारणा छोड़नी होगी देश की सर्वश्रेष्ठ नौकरी में हमें बैठना होगा तभी हम अपने समाज को आगे बढ़ा सकते हैं एनसीसी यह तैयारी मुफ्त भी कर सकती थी लेकिन यह संसार और जनता मुफ्त की चीजों को कोई वैल्यू नहीं देती बच्चा मेहनत तभी करेगा जब उसको पता होगा मैंने पैसे दिए हैं मां-बाप बच्चों को प्रेरित तभी करेंगे जब मां-बाप के पास से पैसा जाएगा धन थोड़ा सा लिया जाएगा क्योंकि यह जरूरी जिससे यह धारणा ना बने की मुफ्त में तैयारी की है हेल्पिंग हैंड वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन जॉन रॉबिंसन, लाइफ ऑफ विजन फाउंडेशन के अध्यक्ष जलाल मैसी ईसाई समाज से रेव्ह. डॉक्टर विलियम समुअल, रेव्ह. जॉन मैथ्यू, विशाल सैमुअल, रेव्ह जोध सिंह, पादरी अनिल, पादरी विक्टर, पादरी संजीव, पादरी माइकल, ईसाई समाज के बच्चे, अन्य लोग मौजूद रहे.


