बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में गुरुवार को भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ मोर्चा खोला। सैकड़ों की संख्या में एकत्र होकर कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने भारत के संविधान के अनुसार वंचित वर्ग के लिए न्याय की उचित व्यवस्था की बात कही, लेकिन आरोप लगाया कि बरेली पुलिस लापरवाही बरत का रवैया अपनाए हुए है, जिससे वंचित वर्गों को न्याय नहीं मिल पा रहा है
(Bhim Army committed on Bahujans)
भीम आर्मी के उ. प्र. महासचिव एडवोकेट विकास बाबू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भीम आर्मी लगातार संवैधानिक माध्यमों से वंचित वर्गों की आवाज उठाती रही है और न्याय दिलाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बरेली पुलिस की लापरवाही के कारण बड़ी घटनाएं घटित हो रही हैं। वही भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सुशील कुमार गौतम ने मांग की है कि बरेली पुलिस को वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और वंचित वर्गों के अधिकारों की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, वे शांत नहीं बैठेंगे।
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे संविधान के अनुसार वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करेंगे और उन्हें न्याय दिलाएंगे।भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन बरेली में वंचित वर्गों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ एक बड़ा कदम है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और वंचित वर्गों की समस्याओं का समाधान कैसे करता है(Bhim Army committed on Bahujans)
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