बरेली: सुभाष नगर के खालसा स्कूल की गली में स्थित एक 90 वर्ष पुरानी जर्जर बिल्डिंग मंगलवार सुबह लगभग 9 बजे अचानक धराशायी हो गई। यह बिल्डिंग प्रीतम लाल खुराना की थी, जो पिछले कई वर्षों से अपने नए मकान में रह रहे थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण यह पुरानी बिल्डिंग कमजोर हो चुकी थी। इसकी जानकारी पहले भी मकान मालिक को दी गई थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
गिरते समय मकान के पास ही रहने वाले राजू खुराना और उनकी पत्नी बबीता खुराना बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि बबीता खुराना उस समय घर के बाहर थीं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
बिल्डिंग का शेष हिस्सा अभी भी खड़ा है और वह भी कभी भी गिर सकता है। यह हिस्सा मुख्य सड़क की ओर है, जहां रोज़ाना आवागमन बना रहता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में ऐसी कई पुरानी, जर्जर और खाली पड़ी इमारतें हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकती हैं। प्रशासन से मांग की गई है कि ऐसे भवनों का सर्वे कराया जाए और खतरनाक भवनों को गिराने की कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई जानमाल का नुकसान न हो।


