बरेली: समाजवादी पार्टी की महिला सभा की जिला अध्यक्ष स्मिता यादव ने वोट चोरी के खिलाफ खोला मोर्चा! स्मिता यादव ने कहा कि मतदाता सूची में धांधली कर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज की आवाज़ को दबाने की कोशिश हो रही है। हजारों नाम सूची से अवैध रूप से काट दिए गए। यह न सिर्फ लोकतंत्र की हत्या है, बल्कि संविधान और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के सपनों पर भी हमला है।
विशेष तौर पर जिन जातियों के मतदाता प्रभावित हुए हैं उनमें कुशवाहा, मौर्य, शाक्य, प्रजापति, कुम्हार, लोहार, तेली, नाई, कहार, निषाद, पाल, बघेल, यादव, पासी, जाटव, कोरी, वाल्मीकि और धनगर जैसी पिछड़ी व दलित जातियाँ शामिल हैं। इन समाजों के मतदाताओं का नाम काटना साफ इशारा करता है कि सत्ता पक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों से डर रहा है।
इस जनविरोधी षड्यंत्र के खिलाफ आवाज़ उठाने और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के मौके पर बीना गौतम, रेखा शाहीन, पुष्पा मौर्य, रेखा सक्सेना, ललिता सक्सेना, मंजू शाक्य, उषा, शशि चन्द्र और ममता सागर उपस्थित रहीं और संघर्ष का संकल्प दोहराया।
समाजवादी पार्टी अन्याय, भेदभाव और लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ सड़कों से सदन तक संघर्ष करती रहेगी।


