बरेली: दिनांक 07 सितंबर 2025 को बरेली स्थित मंडल कार्यालय, तुलसी नगर पीलीभीत बाईपास रोड पर बहुजन समाज पार्टी की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा, पूर्व सांसद एवं उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं आयरन लेडी, बहुजन समाज की शेरनी, बहन कुमारी मायावती जी के दिशा-निर्देशानुसार “गांव-गांव, बूथ-बूथ चलो अभियान” के तहत विधानसभा क्षेत्रवार समीक्षा के उद्देश्य से बुलाई गई।
बैठक के मुख्य अतिथि अयोध्या प्रसाद गंगवार और बी.आर. सागर रहे। इस अवसर पर बरेली जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के संयोजक, वरिष्ठ मिशनरी कार्यकर्ता तथा संगठन के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में बी.आर. सागर ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी कभी किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं रही है। पार्टी हमेशा गैर-बराबरी की व्यवस्था के विरुद्ध खड़ी रही है और समता मूलक समाज की स्थापना इसका प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि बीएसपी की पूर्व सरकार में बहन मायावती जी ने सभी वर्गों को सम्मान दिया था, जिसे जनता आज भी याद कर रही है।
अयोध्या प्रसाद गंगवार ने संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की चर्चा करते हुए कहा कि ओबीसी वर्ग को आरक्षण दिलाने का श्रेय मान्यवर कांशीराम साहब और बहन मायावती जी को जाता है। उन्होंने अपील की कि सभी समाज विशेषकर पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और सर्व समाज मिलकर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करें ताकि 2007 की तरह 2027 में भी बहुजन समाज पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बने और बहन मायावती जी पांचवी बार मुख्यमंत्री बनें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी जिला पंचायत चुनाव के मद्देनज़र पार्टी कार्यकर्ता अभी से मजबूत और जीतने वाले प्रत्याशियों की पहचान कर सूची जिला स्तर पर प्रस्तुत करें। साथ ही, आगामी 9 अक्टूबर को मान्यवर कांशीराम साहब के परिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम हेतु बड़े पैमाने पर तैयारियां करने की अपील की गई।
बैठक के दौरान सभी विधानसभा क्षेत्र के संयोजकों एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया तथा पार्टी की पूर्व सरकार द्वारा अति पिछड़े वर्गों के हित में किए गए कार्यों की पुस्तिका का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर राजेंद्र कुमार गंगवार, राजपाल कश्यप, बादूराम मौर्य, राजेश कुमार पाल, नीरज कुमार एडवोकेट, आकाश कुमार एडवोकेट, अवधेश वर्मा, प्रमोद कुमार बाबू, विनय कुमार, बच्चू वाल्मीकि, केदार शिरोमणि, सूरज प्रताप बौद्ध, डी.पी. मौर्य, हरपाल लोधी समेत अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे !