दिल्ली। डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर्स एसोसिएशन DIGIPUB News India Foundation ने इंडस न्यूज़ टीवी से जुड़े पत्रकार संतोष शाक्य पर हुए जानलेवा हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। यह हमला 28 नवंबर को बरेली के सनराइज अस्पताल अस्पताल में हुआ था, जो कि पुलिस की मौजूदगी में हुआ था, जिससे मामला और भी गंभीर हो जाता है।

DIGIPUB ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि किसी सार्वजनिक संस्थान में, विशेषकर पुलिस निगरानी में, एक पत्रकार के साथ इस प्रकार की हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य और लोकतंत्र के लिए अत्यंत चिंताजनक है।
संस्था ने इस बात पर भी गहरी चिंता जताई कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई है। DIGIPUB के अनुसार यह स्थिति कानून के शासन और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

DIGIPUB ने यह भी रेखांकित किया कि पीड़ित पत्रकार द्वारा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद, उपलब्ध वीडियो फुटेज और सीसीटीवी साक्ष्यों के होते हुए भी कथित रूप से भ्रामक रिपोर्ट लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया, जो सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
अपने बयान में DIGIPUB की ओर से डिजीपब की चेयरपर्सन धन्या राजेंद्रन जोकि द न्यूज़ मिनट की कार्यकारी संपादक हैं, जनरल सेक्रेटरी अभिनंदन सेखरी, जोकि न्यूज लॉन्ड्री के सीईओ हैं और जनरल सेक्रेटरी ऋतु कपूर जोकि The Quint की सीईओ हैं ने कहा “किसी भी परिस्थिति में शारीरिक हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे पत्रकार पर हमला प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है।”
DIGIPUB ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि वे इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लें, बिना देरी एफआईआर दर्ज करें, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करें तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें।
संस्था ने यह भी कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जवाबदेही तय करना लोकतंत्र और जनविश्वास को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
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