बदायूं तिहरा हत्याकांड, गोली मारकर अपराधी फरार
उत्तर प्रदेश का ज़िला बदायूं एक फिर बार एक आपराधिक घटना को लेकर सुर्ख़ियों में है. उसहैत के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राकेश गुप्ता, उनकी मां-पूर्व प्रधान शांति देवी और राकेश की पत्नी शारदा की सथरा गांव में दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. हमलवारों ने महीनों की प्लानिंग के बाद हत्याकांड को अंजाम दिया, इतनी सफ़ाई से कि ताबड़तोड़ 10 गोलियां मारकर, बड़े ख़ामोशी से फरार हो गए और पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी. (Badaun triple murder case)
इस हत्याकांड में गांव के ही रविंद्र दीक्षित और उनके बेटे सार्थक दीक्षित को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. हत्याकांड में उपयोग किए गए हथियार भी बरामद करने का दावा किया है. लेकिन इस तिहरे हत्याकांड को क्यों अंजाम दिया गया. आख़िर महिलाओं से क्या दुश्मनी थी जो क़ातिलों को वृद्ध मां और पत्नी पर भी रहम नहीं आया. किस रंजिशन में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है.
ये रंजिश 30 साल पुरानी बताई जा रही है. 30 साल पहले राकेश गुप्ता के पिता और रामकृष्ण गुप्ता पर रविंद्र दीक्षित के पिता रामदेव दीक्षित की हत्या का आरोप लगा था. रविंद्र दीक्षित ने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए पहले रामकृष्ण गुप्ता को मारा. और साल 2008 में राकेश गुप्ता के भाई नरेश की हत्या हो गई. इसके बाद पूरे परिवार को ख़त्म करने का प्लान बना. और तिहरे हत्याकांड के रूप में ये दिल दहलाने वाली घटना सामने है. (Badaun triple murder case)