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Sunday, March 8, 2026
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बाप कैसे हो गया अपनी इकलौती बेटी के क़त्ल पर रज़ामंद

अमरिया के माधौपुर गांव में एक नौ साल की बच्ची-अनम की, इसी महीने तीन दिसंबर की रात बेरहमी से हत्या कर दी गई. उसके ही पिता अनीस, दादा और तीन चाचाओं पर हत्या का इल्ज़ाम है. ये पांचों जेल में बंद हैं. पुलिस की जांच के मुताबिक, पड़ोसी शकील को फंसाने के लिए इन पांचों ने अपने ही घर की बच्ची की हत्या का प्लान बनाकर घटना को अंजाम दिया है. (father agree murder daughter)

इस घटना में ऐसे कई सवाल हैं, जो हर किसी को झकझोर रहे हैं. पहला-हत्या के लिए अनम का चयन कैसे किया गया? और उसे ही क्यों चुना गया? परिवार में अनम की उम्र के लड़के भी तो थे-अनम ही क्यों? शायद इसलिए, क्योंकि वो लड़की थी. और हमारे समाज में अभी भी लड़कियां, दुश्मनी का बदला लेने और आत्मसम्मान के लिए बड़े ही आसानी से क़त्ल कर दी जाती हैं.

क्रूरतम तरीक़े से हत्या के साथ ये घटना जेंडर डिस्क्रिमिनेशन की बीमारी का रिपोर्टकार्ड भी है. बेशक अनम को कोख में नहीं मारा गया, लेकिन ज़रूरत पड़ी तो बदला चुकाने के लिए उसका इस्तेमाल कर दिया गया. ये सवाल गांव वालों को सबसे ज़्यादा तक़लीफ़ दे रहा है कि आख़िर अनीस अपनी इक़लौती-मासूम बेटी की हत्या के लिए कैसे राजी हो गया. उस बच्ची का क्या गुनाह था. पिता को अपनी ही बेटी पर रहम नहीं आया. और उसकी आंखों के सामने अनम को चाचाओं ने चाकुओं से चीर-फाड़ डाला. (father agree murder daughter)

दूसरी बात, बाप और चाचाओं पर पागलनपन सवार था तो दादा उन्हें समझाने के बजाय इसमें शरीक़ कैसे हो गए? क़रीब 60 साल के शहज़ादे के 13 बच्चे हैं. इसमें 10 लड़के और तीन लड़कियां. बड़ा बेटा अनीस है, जिसकी बेटी अनम की हत्या की गई. अनीस के दो बच्चे थे. एक बेटा और एक बेटी. और बेटी की हत्या कर दी.

शहजादे की बीवी अपने शौहर और चार बेटों के जेल जाने से दुखी हैं. और वह पिता, दादा और चाचाओं द्वारा पोती की हत्या किए जाने के आरोप को नकार रही हैं. अपने पड़ोसी शकील के सिवा किसी से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है. शकील का घर अनीस के घर के ठीक सामने है. नाली और पानी निकास को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद चलता रहता है (father agree murder daughter)

चूंकि शकील अकेले हैं, तो हर विवाद के बाद वह थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करवा देते हैं. अनम की हत्या के आरोप में पहले पुलिस ने शकील को ही उठाया था. लेकिन बाद में अनम के चाचा शदाब को पकड़ा तो केस खुलता चला गया. अमरिया के इंस्पेक्टर मुकेश शुक्ला ने इंडस न्यूज़ को बताया कि पुलिस ने अनम हत्याकांड में बरामद किए सभी साक्ष्य फॉरेंसिंक जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं.

ये घटना तीन दिसंबर की रात की है. माधोपुर से डेढ़ किलोमीटर दूर सरैंदा पट्टी गांव में हज़रत मस्तान शाह मियां की दरगाह पर उर्स था. अनम के चाचा शादाब दो दिसंबर की शाम को उसे घर से मेला लेकर गए. शाम को ऐलान कराया कि अनम खो गई. आरोप है कि रात में बाप-चाचाओं ने मिलकर उसे बेरहमी से मारा. चाकुओं से पेट फाड़ा, सिर पर पत्थर मारे और गला दबाया. उसे मरा हुआ समझकर से क़रीब 900 मीटर दूर एक खेत में फेंक कर चले गए. लेकिन अनम तब भी नहीं मरी. (father agree murder daughter)

जब सुबह को मिली तो वह ज़िंदा थी. गांव वालों ने उसे अस्पताल ले जाना चाहा, तो घर वालों ने पुलिस केस का हवाला देकर अस्पताल ले जाने से रोक दिया. यहीं से परिवार पर शक़ पैदा हुआ और आख़िर में आरोपी परिवार निकला. हालांकि इसमें फांरेंसिक जांच की रिपोर्ट आना बाकी है, हो सकता है कि इस वारदात के कुछ नए राज खुलें.


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