आठ सालों में पहली बार कांग्रेस दम से बोल रही है कि विपक्ष सड़कों पर है
भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में है. इस यात्रा को जारी हुए शुक्रवार को 100 दिन हो जाएंगे. भारत के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी इसका हिस्सा बने हैं. इससे पहले जाने-माने वकील प्रशांत भूषण समेत तमाम क्षेत्रों के दिग्गज यात्रा में शामिल हुए हैं. क़रीब 770 किलोमीटर का सफ़र अभी बाक़ी है. इस दरम्यान कई और चेहरे इसमें देखने को मिल सकते हैं. (Congress speaking opposition streets)
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में केरल से शुरू हुई ये यात्रा आठवें राज्य जारी है. राजस्थान में कांग्रेस सरकार है. और यहां इसे अपार जनसमर्थन मिल रहता दिखाई दे रहा है. राजस्थान से पहलने भी बाक़ी जिन सात राज्यों से ये यात्रा गुज़री है. वहां भी इसकी धाक ने राजनीतिक हलचल बढ़ाई है. और उस सवाल का जवाब भी दे दिया है, जिसे पिछले आठ सालों में हर इंसान के दिलो-दिमाग़ में फीड कर दिया गया था कि…विपक्ष कहां है?
फिलहाल विपक्ष सड़कों पर है. अब कांग्रेस पूरे दम के साथ ये जवाब देने लगी है. इसी यात्रा के दरम्यान दो राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए. गुजरात में कांग्रेस को हार मिली, लेकिन हिमाचल प्रदेश में उसने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई. (Congress speaking opposition streets)
राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी बीच-बीच में इसमें दिखाई देती हैं. सिविल सोसायटी के लोग भी जुड़ रहे हैं. जो रोज़ी-रोटी, महंगाई, बेरोज़गारी, एकता और चंद कॉरपोरेट घरानों की मोनोपॉली के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं.
राहुल गांधी, जिनकी छवि को बड़े तरबतीब के साथ ध्वस्त किया गया था. आम लोग भी उन्हें पप्पू ही मान बैठे थे. राहुल गांधी को लेकर अब उनका नज़रिया बदलने लगा है. यात्रा के दरम्यान राहुल गांधी लगातार प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं. पैदल चलते हुए ही इंटरव्यूज़ दे रहे हैं. सवालों का सामना करते हैं. और बड़ी गर्मजोशी के साथ आम लोगों से मुलाक़ात करते देखे जा रहे हैं. जो राहुल गांधी की पप्पू वाली इमेज का घेरा तोड़ रही है. (Congress speaking opposition streets)
भारत जोड़ो यात्रा केरल के कन्याकुमारी से कश्मीर तक जाएगी. 3500 किलोमीटर का सफ़र है, जो कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ सिविल सोसायटी के लोग पैदल पूरा कर रहे हैं. स्वराज इंडिया के संस्थापक और सोशल एक्टिविस्ट योेगेंद्र यादव के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक बड़ी टीम पदयात्रा कर रही है.
इस यात्रा को लेकर सबसे ख़ास बात ये है कि ये मैनस्ट्रीम मीडिया पर निर्भर नहीं है. राहुल गांधी से लेकर कांग्रेस के बाक़ी नेता मुख्यधारा की मीडिया की जमकर आलनोचना कर रहे हैं. हाल ही में कन्हैया कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था-चूंकि मीडिया विपक्ष की भूमिका को दिखा नहीं रही है. संसद में बोलने का मौक़ा नहीं. तो हमारे पास एक ही रास्ता है. सीधे जनता के बीच जाएं. सीधा संवाद स्थापित करें. (Congress speaking opposition streets)