भारतीय उपमहाद्वीप में जातिवाद एक सख्त सच्चाई है। आमतौर पर यहां सभी धर्मों में इसके लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन इस उपमहाद्वीप में सबसे बड़ी संख्या दो धर्मों की है, हिंदू और मुसलमान, इनमें ये कूट कूटकर भरा है। इस सीरीज में हम बात कर रहे हैं पसमांदा समाज की, जो कि धार्मिक तौर पर मुसलमान हैं, इसलिए हम वहीं से शुरू कर रहे हैं। मुसलमानों में तीन तरह के बंटवारे हैं। अशराफ़, अजलाफ और अरज़ाल। (Bitter Truth Of Casteism)
हिंदुओं की वर्णव्यवस्था के बारे में तो पता ही होगा। ये कमोबेश वैसा ही है। इंडस न्यूज के सलाहकार संपादक अब्दुल्ला मंसूर ने इस सिलसिले में ‘मसावात की जंग’ किताब लिख चुके पूर्व राज्यसभा सांसद व ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के संस्थापकों में से एक अली अनवर अंसारी से बातचीत की, आप भी सुनें कि ये पूरा मामला क्या है और पसमांदा आंदोलन की बुनियाद क्या है? (Bitter Truth Of Casteism)


