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Thursday, March 12, 2026
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राम मंदिर शोभायात्रा के नाम पर गरीब पिछड़े मुसलमानों और दलितों को डराने का हो रहा प्रयास

अखिलेश यादव से लेकर राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और देश भर में मुसलमान और दलितों को वोट बैंक समझने वाली पार्टियों में से कोई भी इस समय मुसलमान की रक्षा के लिए दो शब्द बोलने को तैयार नहीं है। दलितों का भी वोट चाहिए परंतु दलित को गली में पीट दिया जाए तो दो शब्द नहीं निकलते। (Efforts are being made to scare poor backward Muslims)
पिछले 10 दिन से देख रहा हूं लगातार 10% से भी कम संख्या रखने वाले वर्ग के लोगों के द्वारा मुसलमानों की हूटिंग की जा रही है खासकर गरीब वंचित तेली, दर्जी, धोबी, जुलाहा, लोहार, धुना आदि आदि जाति के मुसलमानों की हूटिंग हो रही है जो भारत के हैं और बौद्ध, जैन या ब्राह्मण धर्म की ब्राह्मणवादी गुलामी से कन्वर्ट होकर मुसलमान बने थे।
दूसरी तरफ गली-मोहल्लों में रविदास, बुद्धवादी और अंबेडकरवादी दलितों, पिछड़ों की हूटिंग की जा रही है। मुसलमानों की मस्जिद के सामने और दलितों, पिछड़ों के रविदास मंदिर, अंबेडकर भवन, छात्रावासों और बुद्ध विहारों के सामने से विशेषकर तेज तेज लाउडस्पीकर बजाकर यात्राएं निकाली जा रही हैं। (Efforts are being made to scare poor backward Muslims)
पिछड़े वर्ग के वे लोग जो पिछड़े आंदोलन में शामिल रहे हैं और अपने अधिकारों की बात करते हैं उन्हें राजनीतिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। मेरे सामने कई एग्जांपल आए जहां एक गांव में ग्राम प्रधान के द्वारा जबरदस्ती कुर्मी और मौर्यों को अक्षत देने की कोशिश की गई उनके द्वारा अक्षत न लेने पर उन्हें हड़काया गया।
मुसलमान तो पहले से ही डरा हुआ है और खासकर रोज कमाकर खाने वाला पिछड़ी जाति का मुसलमान बुरी तरह डरा हुआ है, शायद वर्ण व्यवस्था में नीचे होने की कीमत चुका रहा है। अपनी हिस्सेदारी की लड़ाई लड़ने वाले दलित, पिछड़े और अतिपिछड़े इस समय भी अपने हकों के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं और उनकी आंख में आंख डालकर उन्मादियों से बात कर रहे हैं। (Efforts are being made to scare poor backward Muslims)
समय आ गया है कि मुसलमान, पिछड़े और दलित समाज के जागरूक लोगों को एक मंच पर आकर इस अल्पसंख्यक 10% लोगों के उन्माद से बचकर अपने हकों की आवाज बुलंद करने का रास्ता निकालना चाहिए।
बहुसंख्यक वर्ग, अल्पसंख्यक 3-3.5% लोगों के निशाने पर है, उसे बचाने का क्या रास्ता हो सकता है इसपर हम सबको मिलकर चिंतन करना चाहिए।
-संतोष शाक्य, सहसंपादक, State Head, UP & Uttarakhand, Indus News TV

संतोष शाक्य Indus News TV के सहसंपादक के साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख भी हैं। संतोष शाक्य पत्रकार के साथ एक अच्छे लेखक एवं सामाजिक चिंतक भी है, वे समाज हित में देश के वंचित तबकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लिखते रहते हैं।


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Santosh Shakya
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संतोष शाक्य Indus News TV के Special Correspondent हैं। संतोष शाक्य उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखण्ड यूनिवर्सिटी बरेली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं। विज्ञान के साथ इतिहास, सामाजिक विज्ञान, राजनीति, धम्म, दर्शन एवं अध्यात्म आदि संतोष शाक्य के पसंदीदा विषय हैं। इसके साथ संतोष शाक्य एक एंटरप्रेन्योर, मोटिवेशनल स्पीकर, लेखक, विचारक, पत्रकार, Life कोच, आध्यात्मिक शिक्षक भी हैं। जो मोटिवेशन, बिजनेस प्रमोशन, वेलनेस टॉक & Meditation के जरिए लोगों की मदद करते हैं। इसके साथ संतोष शाक्य एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के संचालक भी हैं। संतोष शाक्य के द्वारा कवर की गयी प्रमुख स्टोरी एवं उनके लेख पढ़ने के लिए आप Indus News TV की वेबसाइट https://www.indusnewstv.com को लॉग-ऑन कर सकते हैं। संतोष शाक्य के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप उनकी वेबसाइट https://www.santoshshakya.com भी विजिट कर सकते हैं।
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