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Thursday, March 12, 2026
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लखनऊ: IET में OBC-SC के कर्मचारियों का जातीय शोषण, कर्मचारियों ने अखिलेश यादव को लिखा पत्र

लखनऊ: इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेकनोलॉजी, लखनऊ में एक गंभीर मामला सामने आया है जहाँ लम्बे समय से सेवाएं दे रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का शोषण हो रहा है, कर्मचारियों ने संस्थान पर जातिवादी भेदभाव करने का आरोप भी लगाया है। मामले में कर्मचारियों ने अखिलेश यादव को पत्र लिखा है। कर्मचारियों का कहना है कि न्यायालय के बार बार आदेश करने के बाद भी संस्थान के निदेशक और कुलसचिव कोर्ट का आदेश मानने को तैयार नहीं हैं। लेबर कोर्ट के द्वारा संस्थान के निदेशक को कर्मचारियों को विनियमित करने का आदेश 2015 में दिया गया था, लेकिन संस्थान ने उस आदेश का पालन तो नहीं किया, इसके उलट 2020 में संस्थान के निदेशक के द्वारा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गयीं। (exploitation of OBC-SC employees in IET Lucknow)

2020 के सेवा समाप्त करने के खिलाफ एवं 2015 के विनियमितीकरण के निर्णय को लागू करवाने के लिए कर्मचारियों ने 2021 में पुनः हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। हाई कोर्ट ने फिर कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय दिया और कर्मचारियों को विनियमित करने का आदेश दिया। इसके उपरांत संस्थान के निदेशक ने पुनः 2022 में कोर्ट के आदेश को मानने से इंकार कर दिया। इसके खिलाफ कर्मचारी 2023 में पुनः हाई कोर्ट पहुंचे। 2023 में पुनः कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आया, परन्तु संस्थान ने फैसले को मानने के बजाय स्पेशल अपील हाई कोर्ट की एकल पीठ के समक्ष प्रस्तुत की।
अब हाई कोर्ट की एकल बेंच के द्वारा संस्थान की स्पेशल अपील को खारिज करते दिया गया है और कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय देते हुए लेबर कोर्ट के फैसले को बरक़रार रखते हुए कर्मचारियों को विनियमित करने का आदेश दिया है। लेकिन संस्थान कर्मचारियों को विनियमित करने को तैयार नहीं है। (exploitation of OBC-SC employees in IET Lucknow)
कर्मचारियों के वकील अंकित पाल ने बताया कि संस्थान इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहा है, उन्होंने बताया की यह पूरा मामला जातीय शोषण से जुड़ा है, संस्थान के निदेशक नहीं चाहते कि पिछड़ी और दलित जातियों के कर्मचारी उनके यहाँ नौकरी करें। जातीय श्रेष्ठता के भाव से ग्रसित होकर के निदेशक किसी भी कीमत पर कर्मचारियों के पक्ष में आये कोर्ट के आदेश का पालन करने को तैयार नहीं हैं।
वकील अंकित पाल ने बताया कि तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल जो स्वयं पिछड़ी जाति से आते हैं और पीड़ित कर्मचारियों ने उनसे दो बार मुलाकात की लेकिन वो कर्मचारियों की बात सुनने को तैयार नहीं हैं, उन्होंने बताया कि जब कर्मचारी उनसे मिलने गए तब उन्होंने कर्मचारियों को यह कहकर भगा दिया की सचिवालय में बात कीजिये मैं कुछ नहीं कर सकता। (exploitation of OBC-SC employees in IET Lucknow)
अखिलेश यादव को लिखे अपने लेटर में कर्मचारियों ने कहा है कि वे लोग गरीब हैं उनके पास अधिक पैसा नहीं है यदि संस्थान सुप्रीम कोर्ट जाता है तो उनके लिए लड़ना आसान नहीं होगा। कर्मचारियों ने अखिलेश यादव को बताया है कि उनका शोषण पिछड़ी दलित जाति से होने के कारण किया जा रहा है।

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Santosh Shakya
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संतोष शाक्य Indus News TV के Special Correspondent हैं। संतोष शाक्य उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखण्ड यूनिवर्सिटी बरेली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं। विज्ञान के साथ इतिहास, सामाजिक विज्ञान, राजनीति, धम्म, दर्शन एवं अध्यात्म आदि संतोष शाक्य के पसंदीदा विषय हैं। इसके साथ संतोष शाक्य एक एंटरप्रेन्योर, मोटिवेशनल स्पीकर, लेखक, विचारक, पत्रकार, Life कोच, आध्यात्मिक शिक्षक भी हैं। जो मोटिवेशन, बिजनेस प्रमोशन, वेलनेस टॉक & Meditation के जरिए लोगों की मदद करते हैं। इसके साथ संतोष शाक्य एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के संचालक भी हैं। संतोष शाक्य के द्वारा कवर की गयी प्रमुख स्टोरी एवं उनके लेख पढ़ने के लिए आप Indus News TV की वेबसाइट https://www.indusnewstv.com को लॉग-ऑन कर सकते हैं। संतोष शाक्य के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप उनकी वेबसाइट https://www.santoshshakya.com भी विजिट कर सकते हैं।
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