बरेली: थाना बारादरी और भोजीपुरा पुलिस ने मिलकर एक बड़े अपहरण कांड का खुलासा करते हुए लेखपाल के पुत्र हरीश कटियार को सकुशल बचा लिया। इस दौरान पुलिस ने मुठभेड़ में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से दो गाड़ियां, 10 मोबाइल फोन, अवैध असलहे और कारतूस बरामद किए।
19 जनवरी को हरीश कटियार के अपहरण की रिपोर्ट उनकी पत्नी किरण कटियार ने थाना बारादरी में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने एक विशेष टीम का गठन किया। जांच में पता चला कि हरीश को मियांपुर गांव के एक घर में बंधक बनाया गया था।
20 जनवरी की रात पुलिस ने मियांपुर गांव में छापा मारकर हरीश को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस की जांच में पता चला कि मकान मालिक उदित और उमाशंकर निगरानी कर रहे थे।जबकि खाना उनकी पत्नी लाली देती थी। आरोपियों ने फिरौती की मांग की थी।
हरीश की बरामदगी के बाद पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए अभियान तेज किया। उसी रात घुरसमसपुर रोड पर पुलिस ने आरोपियों की गाड़ियों को घेर लिया। घबराए आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसमें तीन आरोपी—अंकित उर्फ विनीत, शाहिद और वीरु उर्फ वीरपाल घायल हो गए। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
पूछताछ में मुख्य आरोपी अनूप कटियार ने खुलासा किया कि उसने आर्थिक तंगी के चलते अपने भाई हरीश का अपहरण किया था। उसने पहले हरीश को चित्रकूट ले जाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में घर से ही अगवा कर लिया। अपहरण के दौरान उन्होंने हरीश से 7,500 रुपये पेट्रोल के लिए ट्रांसफर कराए और सोने के गहने भी लूटे। आरोपियों के पास से दो गाड़ियां,तीन अवैध तमंचे,315 बोर के कारतूस,नौ मोबाइल फोन।
पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई ने न केवल अपहृत को सुरक्षित बचाया बल्कि अपराधियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया। सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने इसे पुलिस टीम की एक बड़ी सफलता बताया। यह कार्रवाई पुलिस की सूझबूझ, तकनीकी कौशल और तत्परता का उदाहरण है।