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Thursday, March 12, 2026
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अमरीका के टॉप टेन मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल भारतीय

अमरीका के मैरीलैंड स्टेट के डंकिन डोनट्स कॉफ़ी हाउस में देर रात कुछ ग्राहक पहुंचे. वे इन्तजार करते रहे कि कैफे का कोई कर्मचारी उन्हें आकर सर्व करे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा. कैश काउंटर समेत कैफे के डाइनिंग एरिया में भी कोई कर्मचारी नहीं दिखाई दे रहा था. थोड़ा इंतजार के बाद कुछ ग्राहक लौट गए. एक ग्राहक ने अनहोनी की आशंका में करीब में मौजूद एक पुलिस अधिकारी से संपर्क किया कि वे आयें और संदिग्ध से दिख रहे कैफे के हालातों की पड़ताल करें. उस पुलिस अधिकारी ने जब कैफे में ढूँढ़-खोज की तो उन्हें वहां एक युवती का शव मिला जिसे बुरी तरह चाकुओं से गोदा गया था. यह शव 21 साल की पलक का था. भारत की रहने वाली पलक इस कैफे की कर्मचारी थी. (Indian among America’s top ten most wanted criminals)

जांच दल ने जब कैफे के सीसीटीवी की फुटेज देखी तो उन्हें माजरा समझते देर नहीं लगी. रात करीब साढ़े नौ बजे पलक और भद्रेशकुमार पटेल कैफे के किचन की तरफ जाते दिखाई दिए. दोनों के रसोई की रैक्स के पीछे ओझल होने के कुछ देर बाद पटेल दोबारा से सीसीटीवी विजुअल्स में दिखाई दिए लेकिन पलक वापस नहीं आई. पलक को बर्बर तरीके से पीटा गया था और रसोई में इस्तेमाल होने वाले बड़े से चाकू से उस पर कई वार किये गए थे. जिससे पलक की मौत हो गयी. यह साफ था कि पलक का हत्यारा भद्रेश ही था.

दरअसल भद्रेशकुमार चेतन भाई पटेल और पलक दोनों भारतीय मूल के रहने वाले थे और पति-पत्नी थी. 12 अप्रेल 2015 की उस रात जब क़त्ल हुआ तो भद्रेश 24 साल का था और पलक 21 की.

अमरीकी पुलिस फ़ौरन इस संगीन अपराध की पड़ताल में जुट गयी. क़त्ल करने के बाद पटेल पैदल चलकर पास के ही अपने अपार्टमेंट पहुंचा. वहां से उसने अपने कपड़े और व्यक्तिगत इस्तेमाल की कुछ और चीजें बैग में रखीं और टैक्सी से न्यू जर्सी एयरपोर्ट के पास के एक होटल पहुंचा. उसे अपार्टमेंट से होटल तक छोड़ने वाले टैक्सी ड्राइवर ने बताया कि इस दौरान वह काफी शांत दिखाई दे रहा था. होटल के काउंटर में पटेल कमरे का भुगतान करता हुआ सीसीटीवी में दिखाई दिया. होटल से पटेल ने अगली सुबह चेकआउट किया. होटल की शटल से वह न्यू जर्सी के नेवर्क स्टेशन पहुंचा. भद्रेशकुमार चेतन भाई पटेल को 13 अप्रैल 2015 की सुबह इसी स्टेशन के सीसीटीवी में आख़िरी बार देखा गया.

भद्रेशकुमार चेतन भाई पटेल गुजरात का रहने वाला था. वह और उसकी पत्नी दोनों अमरीका के उस कैफे में नौकरी करते थे. कैफे पटेल के ही एक रिश्तेदार का था. घटना वाले दिन दोनों नाईट शिफ्ट में साथ थे. गौरतलब है कि दोनों की वीजा अवधि समाप्त हो चुकी थी. जांच एजेंसियों का मानना है कि पलक पटेल वापस भारत लौटना चाहती थी जबकि भद्रेश ऐसा करने के खिलाफ था. इसी बात को लेकर दोनों में तकरार हुई और पलक की निर्मम हत्या में बदल गयी.

इस संगीन, निर्मम अपराध के लिए भद्रेशकुमार चेतन भाई पटेल को पूरे अमेरिका में सरगर्मी से तलाशा जाने लगा. उसे 2017 में वॉन्टेड की लिस्ट में तब डाला गया था, जब उसे एफबीआई पकड़ नहीं पाई थी. उस पर एक लाख डॉलर का इनाम भी रखा गया है. एफबीआई आई का मानना है कि 70 लाख से ज्यादा का इनाम घोषित किये जाने तक भी भद्रेशकुमार पटेल अमेरिका में ही मौजूद था. जहां उसका कोई मित्र-रिश्तेदार या तो जानबूझकर या अनजाने ही उसकी मदद कर रहा है.भद्रेशकुमार चेतन भाई पटेल अमेरिका के टॉप टेन मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल है.

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