अक्सर हम सुनते हैं कि फलां अपराधी के खिलाफ भारत सरकार ने इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने को कहा है या किसी अपराधी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. हाल ही में गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में वांछित गोल्डी बरार के खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. ऐसे में दिलचस्पी होना स्वाभाविक है कि रेड कॉर्नर नोटिस है क्या और इसे कौन जारी करता है? (Interpol and its Red Corner Notice)
रेड कॉर्नर नोटिस को अधिकारिक भाषा में रेड नोटिस कहा जाता है. यह नोटिस इंटरपोल द्वारा तब जारी किया जाता है जब अपराधी एक देश में होते हुए दूसरे देश में अपराध को अंजाम देता है या फिर अपराध करने के बाद उस देश से भाग जाता है जहां अपराध किया गया हो.
अब पहले जानें की इंटरपोल क्या है. ‘इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन’ को इंटरपोल कहे जाने का चलन है. ये एक अंतर्राष्ट्रीय पुलिस संगठन हैं जिसके सदस्य देशों की संख्या 195 है. इन देशों का अपराधी जब न्यायिक प्रक्रिया से बचकर दूसरे देशों में फरार हो जाता है तो इंटरपोल से मदद की अपील की जाती है. इंटरपोल को अपराधी और अपराध का विवरण भेजा जाता है और बदले में तकनीकी और क्रियान्वयन में समर्थन पाया जाता है. एक जनरल सेकेटेरियेट के जरिये इंटरपोल की गतिविधियों को संचालित किया जाता है. इसके स्टाफ में पुलिस और सिविलियन दोनों हैं. इसका मुख्यालय फ्रांस के लियोन में है, इसके अलावा कई क्षेत्रों में सेटेलाइट ऑफिस भी हैं. हर सदस्य देश में इंटरपोल का ‘नेशनल सेन्ट्रल ब्यूरो’ होता है जो मुख्यालय और अन्य देशों के ब्यूरो के साथ सामंजस्य बैठने का काम करता है. जनरल असेम्बली को इंटरपोल की नियामक माना जाता है जहां सभी सदस्य देश साल में एक बार मिलकर फैसले लेते है और रणनीति बनाते हैं. इस समय इंटरपोल ने 7169 अपराधियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ है, जिसमें 214 भारतीय शामिल हैं.
अपराध कर सरहद पार कर जाने वाले अपराधी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की सिफारिश जब इंटरपोल को मिलती है तो एक टास्क फोर्स इसकी जांच करती है. अगर सिफारिश नियमों के अनुसार होती है तो नोटिस जारी कर दिया जाता है जिसे अधिकारिक भाषा में रेड नोटिस कहा जाता है.
रेड नोटिस संगीन जुर्म में वांछित शख्स के खिलाफ जारी किया जाता है. यह अंतर्राष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता. न ही यह वांछित व्यक्ति को दोषी ही करार देता है. यह वांछित अपराधी को तलाश करने के बाद उसकी प्रोविजनल गिरफ़्तारी की प्रक्रिया का हिस्सा होता है. इसमें अपराधी की पहचान और उसके अपराधों का ब्यौरा दिया जाता है. नोटिस सदस्य देशों को सतर्क करता है कि वे अभियुक्त को गिरफ्तार कर उस देश में भेजने की व्यवस्था करें जहां उसने अपराध किया है. नोटिस सदस्य देशों को वांछित अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए बाध्य भी नहीं करता.
इसे रेड नोटिस इसलिए कहा जाता है कि इंटरपोल 8 तरह के नोटिस जारी करता है जैसे : ब्लैक नोटिस, ब्ल्यू नोटिस, ग्रीन नोटिस, यलो नोटिस, पर्पल नोटिस और ऑरेंज नोटिस. (Interpol and its Red Corner Notice)


