नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के लाखों कर्मचारियों के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाली अग्रणी यूनियन, इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन (IREF), की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक हरकिशन सिंह सुरजीत भवन, नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह बैठक 20 एवं 21 जुलाई 2025 को आयोजित की गई।
मीटिंग में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो रेलवे कर्मचारियों के भविष्य के संघर्ष की दिशा तय करेंगे। इनमें सबसे प्रमुख घोषणा यह है कि इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन (IREF) का अगला राष्ट्रीय अधिवेशन 21 एवं 22 सितंबर 2025 को बनारस में आयोजित किया जाएगा। इस अधिवेशन में देश भर से हजारों रेलवे कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल होंगे।
भारत सरकार की मजदूर एवं कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरी रेलवे में तीन महीने का राष्ट्रव्यापी आंदोलन कार्यक्रम तय किया गया है। यह आंदोलन IREF के बैनर तले सभी जोनल इकाइयों को साथ लेकर चलाया जाएगा।
इस अवसर पर इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन (IREF) के राष्ट्रीय महामंत्री कामरेड सर्वजीत सिंह ने बयान देते हुए कहा, “आज देश में भारत सरकार पूंजीपतियों के पक्ष में खुलकर कॉर्पोरेट नीतियां लागू कर रही है। ये नीतियां न केवल रेलवे कर्मचारियों, बल्कि देश के आमजन के हितों के भी पूरी तरह खिलाफ हैं। हमारा यह तीन महीने का देशव्यापी आंदोलन नई भर्ती न होने, आउटसोर्सिंग, ठेका प्रथा, लोडिंग/अनलोडिंग कार्य के लिए 12 घंटे की अमानवीय शिफ्टें, महिलाओं के लिए अलग चेंजिंग रूम का अभाव, ट्रैक मेंटेनर्स के लिए विश्राम गृह की कमी, सुरक्षा उपकरणों का अभाव, प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) का सातवें वेतन आयोग के अनुसार गणना न होना, आठवें पे कमीशन का शीघ्र गठन, कर्मचारियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की समय पर पूर्ति न होना, रेलवे के खाली पड़े लाखों पदों पर तुरंत नई भर्ती करना, तथा NPS/UPS को रद्द कर तुरंत प्रभाव से पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल करना जैसी हमारी प्रमुख मांगों को लेकर एक निर्णायक संघर्ष होगा।”
इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन (IREF) के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष श्री अखिलेश पांडे ने अपने संबोधन में कहा, “रेलवे कर्मचारी राष्ट्र की रीढ़ हैं और सरकार की मजदूर विरोधी नीतियां उनके मनोबल को लगातार तोड़ रही हैं। IREF किसी भी कीमत पर इन शोषणकारी नीतियों को सफल नहीं होने देगा और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेगा। हमने इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन के प्रचार-प्रसार को मजबूत करने हेतु प्रत्येक जोन से दो-दो सक्रिय कार्यकर्ताओं को साथ लेकर एक विशेष आईटी सेल (IT Cell) के गठन का भी निर्णय लिया है, ताकि हमारी आवाज हर कर्मचारी तक पहुंच सके।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि IREF, नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) और फ्रंट अगेंस्ट NPS रेलवे (FANPSR) द्वारा रेलवे में चलाए जा रहे आंदोलनों का हमेशा से समर्थन करता रहा है और अग्रिम पंक्ति में संघर्षरत है। इसी कड़ी में, इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन (IREF) NMOPS द्वारा 25 नवंबर को पुरानी पेंशन बहाली हेतु ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन का पुरजोर समर्थन करता है और तमाम रेलवे कर्मचारियों तथा जोनल यूनियनों को साथ लेकर इस ऐतिहासिक आंदोलन में पूरी भागीदारी करेगा।
मीटिंग में ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (AICCTU) के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड राजीव डिमरी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड शंकर विशेष तौर पर शामिल हुए। उन्होंने IREF के संघर्ष को पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि AICCTU के दिशा-निर्देशों में इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन तीसरे विकल्प के रूप में बहुत तेजी के साथ उभर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय रेलवे के लाखों-लाख कर्मचारी इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन पर भरोसा कर रहे हैं, और इस भरोसे को कायम रखते हुए IREF कर्मचारियों के हितों और अधिकारों के लिए अग्रिम स्तर पर कार्य करेगी। उन्होंने IREF के विस्तार के लिए प्रत्येक राज्य से AICCTU के सक्रिय साथियों को महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने के लिए तैयार रहने का आह्वान भी किया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन (IREF) से संबंधित निम्नलिखित जोनल यूनियनों के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की:
नॉर्दर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन (NREU), ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन (ECREU), नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे मेंस कांग्रेस (NERMC), DMW एम्पलाइज यूनियन (PLW पटियाला),DLWRMU (BLW बनारस), वेस्ट सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन (WCRWU), ECoREU (ईस्ट कोस्ट रेलवे), SERMZU (साउथ ईस्टर्न रेलवे), RCFEU (रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला), EREU (ईस्टर्न रेलवे), CLWEU (कोच लोकोमोटिव वर्कशॉप चेन्नई), IREU (नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे), RCF एम्पलाइज यूनियन (MCF रायबरेली)
सभी उपस्थित सदस्यों ने एकजुट होकर रेलवे कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया!


