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Friday, October 16, 2026
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बरेली के करगैना में शोहदे बेलगाम, FIR के बावजूद एक्शन से कतरा रही पुलिस

बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र की रामचंद्रपुरम कॉलोनी से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना की जानकारी मिली है। परिजनों के अनुसार, बच्ची के साथ गली में कुछ युवकों द्वारा अशोभनीय हरकत किए जाने का आरोप है (The hooligans in Bareilly’ Kargaina)

घटना के बाद बच्ची ने घर पहुंचकर परिजनों को बताया, जिसके बाद परिवार ने आपत्ति जताई तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इस दौरान परिवार के एक किशोर सदस्य के साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने स्थानीय थाने में शिकायत दी है। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, नाबालिग से जुड़े मामलों में पोक्सो अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है और ऐसे मामलों में समयबद्ध जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक माना जाता है (The hooligans in Bareilly’ Kargaina)

अगर व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें, तो राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मामले देशभर में एक गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं, और उत्तर प्रदेश भी ऐसे मामलों की संख्या के लिहाज से बड़े राज्यों में शामिल रहा है। स्थानीय स्तर पर भी समय-समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं, जो यह संकेत देती हैं कि जमीनी स्तर पर सतर्कता और प्रभावी पुलिसिंग की लगातार जरूरत बनी हुई है।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। क्षेत्रीय नागरिकों और अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें, सुरक्षित मार्गों और समय का ध्यान रखें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए “मिशन शक्ति” अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत जागरूकता, हेल्पलाइन, पुलिस गश्त और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया जाता है। इसी क्रम में एंटी रोमियो स्क्वॉड भी सार्वजनिक स्थानों पर सक्रिय रहते हैं, जिनका उद्देश्य छेड़छाड़ और उत्पीड़न की घटनाओं की रोकथाम करना है।

फिलहाल, इस मामले में निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार की सुरक्षा और तथ्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। प्रशासन से यह भी उम्मीद की जा रही है कि क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। वहीं समाज के स्तर पर भी जागरूकता और जिम्मेदारी निभाना उतना ही जरूरी है, ताकि महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके। फ़िलहाल मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।


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