लॉन्ग मार्च के दौरान ये फ़ायरिंग हुई, इस हमले में इमरान ख़ान बाल-बाल बच गए लेकिन अब तक एक शख्स की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 14 लोग घायल हुए है। इमरान खान पर पुरे दुनिया में हमले की चर्चा हो रही हैं। कई नेता और देश इस की निंदा कर चुके हैं। देश से ले कर विदेश तक की मीडिया में इमरान ख़ान पर हुए हमले को ले कर चर्चा हो रही हैं। (Imran Khan during Long March)

पाकिस्तान के लिए नवंबर महीना इसलिए भी खास हैं क्योंकि इसी महीने में मुल्क के सेना अध्यक्ष क़मर जावेद बाजवा का कार्यकाल भी ख़त्म होना हैं। क्या इमरान खान इस्लामाबाद की घेराबंदी कर पाएंगे? क्या वाजबा रिटायर होंगे और क्या फिर से पाकिस्तान की सेना का रजनीति में दबदबा दिखेग।
वो इस बात की आशंका जताते हैं कि क्या पाकिस्तान की राजनितीक पार्टियां और सेना इस खेल में सिर्फ मोहरा हैं जबकि असल खिलाडी चीन अमेरिका तुर्की,और सऊदी अरब हैं?पाकिस्तान पहले ही आर्थिक संकट से झुज रहा हैं ऐसे में क्या राजनितिक अस्थिरता अगले कुछ सप्ताह में अर्थव्यवस्था को भी प्रभावि
इमरान खान की साकार इसी साल गिरी थी उनके समर्थको के मन में अभी भी सरकार जाने की नाराज़गी थी और अब उन पर ये हमला हो गया माना जा रहा हैं. (Imran Khan during Long March)

इमरान खान के समर्थक पर काफ़ी समय तक विरोध प्रदर्शन के लिए सड़क पर आ सकते हैं.त करेगी? जब देश अहम् संस्थाएं चुनौतियों का सामना कर रही हैं तो ऐसे में न्यापालिका की क्या भूमिका होगी। (Imran Khan during Long March)


