ट्रांसवर्स माईलाइटिस के पीड़ित 10 साल की बच्ची करीना कुमारी का अब इलाज करा रही झारखंड सरकार करा रही है। यह एक गंभीर बीमारी है, जिसका समय से इलाज नहीं तो तो जीवन भर विकलांगता का शिकार होना पड़ सकता है। करीना ऐसी ही एक गंभीर बीमारी से ग्रस्त थी। (Jharkhand government treating Kareena)
उसकी हालत लगातार खराब हो रही थी। ऐसे में झारखण्ड के सामाजिक कार्यकर्ता ब्रह्मदेव पासवान। जिनकी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर है। उन्हें सूचना मिली कि हजारीबाग जिला अंर्तगत चलकुसा थाना स्थित जमसोती गांव की निवासी करीना कुमारी उम्र 10 वर्ष का अचानक दाया पैर और हाथ काम करना बंद कर दिया। इलाज हेतु उसकी मां रिम्स, रांची लेकर गई एवं भर्ती कराई।

राशन कार्ड में करीना का नाम नहीं होने के कारण जांच में ज्यादा खर्च हो रहे थे, इस खर्च को वहन करने में उसका परिवार सक्षम नहीं था। करीना की चार बहने हैं। पिता का 2 वर्ष पहले ही देहांत हो चुका है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। स्थिति को देखते हुए ब्रह्मदेव पासवान ने तुरंत सोशल मीडिया के ट्विटर के माध्यम से इस मामले की जानकारी झारखण्ड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, चंपई सोरेन सहित संबंधित पदाधिकारियों को दिया। (Jharkhand government treating Kareena)
उसके बाद मामले पर संज्ञान लिया गया। अभी पीड़ित का इलाज जारी है। डॉक्टर ने जानकारी दी है कि यह एक ट्रांसवर्स माईलाइटिस का केस है, जिसमें शरीर का कोई भाग काम करना बंद कर देता है। वे लोग बेहतर प्रयास कर रहे हैं। ब्रह्मदेव पासवान ने कहा कि गरीब एवं जरूरतमंदों का मदद करना हमारा कर्तव्य है। हेमंत सोरेन की सरकार गरीबों की सरकार है। उनके कार्यकाल में पैसे के अभाव के कारण इलाज में कोई कमी नहीं होगी।

पासवान ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता एवं मंत्री चंपई सोरेन ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मामले पर त्वरित संज्ञान लेकर संबंधित डॉक्टर व पदाधिकारियों को समुचित इलाज हेतु निर्देशित करने का कार्य किया है, जिसके लिए उन्हें धन्यवाद एवं आभार। (Jharkhand government treating Kareena)


