पूरनपुर। राजकीय महाविद्यालय पूरनपुर में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनन्त प्रकाश ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने दोहा, श्लोक, निबंध, नाटिका, हास्य एवं काव्य पाठ सहित विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के महत्व और वर्तमान समय में हिंदी की उपयोगिता पर अपने विचार भी रखे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गीतकार, गजलकार एवं हास्यरस के प्रमुख कवि उमेश कुमार त्रिगुणायत ‘ऋतुपर्ण’ रहे। उन्होंने अपनी कविताओं और हास्य रचनाओं से विद्यार्थियों को खूब गुदगुदाया। उनकी प्रस्तुतियों पर महाविद्यालय परिसर तालियों और ठहाकों से गूंज उठा।
मुख्य अतिथि का महाविद्यालय परिवार की ओर से पुष्पगुच्छ, माला एवं पटका पहनाकर स्वागत किया गया। उन्हें स्मृति चिह्न भी भेंट किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने हिंदी साहित्य के प्रति अपनी रुचि और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
हिंदी विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने हिंदी दिवस के महत्व पर अपने-अपने विचार प्रस्तुत करते हुए हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने और हिंदी साहित्य के अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनन्त प्रकाश ने मुख्य अतिथि सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति निरंतर अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।